चंडीगढ़, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि AAP के दो-तिहाई राज्यसभा सदस्य संवैधानिक प्रावधानों के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय करने का फैसला कर चुके हैं।

राघव चड्ढा ने कहा कि उनके साथ कुल सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं। इनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं, जो संविधान के नियमों के अनुसार वैध है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि जिस AAP को उन्होंने अपने खून-पसीने से खड़ा किया, वह अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। उनके अनुसार, पार्टी अब राष्ट्रहित की बजाय निजी हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि वे “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” हैं, इसलिए अब उन्होंने पार्टी छोड़कर जनता के करीब जाने का निर्णय लिया है।
राघव चड्ढा ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए बताया कि वे पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) थे और भ्रष्टाचार मुक्त भारत के सपने के साथ राजनीति में आए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई समर्पित लोग अब AAP छोड़ चुके हैं या छोड़ने की प्रक्रिया में हैं। इस घटनाक्रम से पहले AAP ने 2 अप्रैल को राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया था। इसके बाद पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा भी वापस ले ली थी।
जिसे पार्टी के अंदर बढ़ती दूरी के संकेत के रूप में देखा गया। हालांकि बाद में उन्हें केंद्र सरकार की ओर से सुरक्षा प्रदान की गई। यह पूरा घटनाक्रम AAP के अंदर बड़े स्तर पर चल रही खींचतान और असंतोष की ओर इशारा करता है, जिससे पार्टी की राजनीतिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।