रोहतक, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। 721 वर्ष पुराने ऐतिहासिक गांव रुड़की में सती दादी भदा की स्मृति में आयोजित माही चौदस का धार्मिक व सामाजिक आयोजन आस्था, परंपरा और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ। गांव की दक्षिण दिशा में स्थित दादी भदा मंदिर पर विशाल भंडारे व मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा विशेष रूप से पहुंचे और श्रद्धालुओं को संबोधित किया।

सांसद हुड्डा ने कहा कि उन्होंने छह वर्ष अमेरिका में रहते हुए एक बात समान रूप से देखी कि हर सभ्यता अपने इतिहास पर गर्व करती है। हमारे गांव रूड़की का 721 वर्ष पुराना गौरवशाली इतिहास ही हमारी असली पहचान है, जो पीढ़ियां बदलने के बावजूद कभी नहीं बदलती। उन्होंने कहा कि चाहे कोई दुनिया के किसी भी कोने में चला जाए, जड़ें और संस्कार वही रहते हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं।
इस अवसर पर सांसद ने दादी भदा मंदिर के विकास के लिए ₹7 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए भविष्य में भी हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा, “हम विपक्ष में जरूर हैं, लेकिन कमजोर नहीं। जनता के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ते रहेंगे।” आयोजन के तहत गांव के 3000 से अधिक घरों में गुगल धूप की धूमणी देकर वातावरण का शुद्धिकरण किया गया।
मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ आयोजित हुआ, जिसमें एक क्विंटल से अधिक गुगल सामग्री और देशी घी का प्रयोग किया गया। युवाओं की टोलियों ने चारों दिशाओं में जाकर यह परंपरा निभाई। इस दिन गांव में दूध बेचने की बजाय खीर व अन्य पकवान तैयार किए गए। दिल्ली, कोलकाता, उत्तर प्रदेश, झारखंड सहित अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु दादी भदा के दर्शन के लिए पहुंचे। आयोजन को सफल बनाने में ग्राम पंचायत, बुजुर्गों व युवाओं की अहम भूमिका रही।