फरीदाबाद, (सरूप सिंह) ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में फर्जी ईएसआई कार्ड के जरिए चिकित्सा सुविधाओं के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल प्रशासन ने इस धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था को कड़ा कर दिया है।

धोखाधड़ी का तरीका और खुलासा
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ अपात्र व्यक्तियों ने फर्जी 10-अंकीय बीमा नंबर का उपयोग कर सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं, दवाओं और लैब जांचों का लाभ उठाने की कोशिश की। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक वास्तविक बीमित व्यक्ति (IP) ने शिकायत दर्ज कराई कि 3 नवंबर और 17 दिसंबर 2025 को उसकी जानकारी के बिना उसके कार्ड का उपयोग किया गया है।
डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
आंतरिक जांच के दौरान यह भी पाया गया कि 31 दिसंबर 2025 को एक पीजी (PG) छात्र ने नियमों का उल्लंघन करते हुए, बिना किसी क्लीनिकल जांच या रिपोर्ट के, अपने साथी छात्र के लिए दो महीने की दवाओं का पर्चा जारी कर दिया। प्रशासन ने इसे मानक चिकित्सीय प्रक्रिया (SOP) का स्पष्ट उल्लंघन माना है।
रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से सेवाएं प्रभावित
इस बीच, चिकित्सा सुविधाओं की मांग को लेकर 5 जनवरी को सीनियर रेजिडेंट और बॉन्ड पर कार्यरत जूनियर रेजिडेंट्स हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के कारण अस्पताल की सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुईं। अस्पताल प्रसाशन ने मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर के अन्य ईएसआईसी अस्पतालों से डॉक्टरों की अस्थायी तैनाती की।
प्रशासन का तर्क: अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि अधिनियम 1948 के अनुसार, संविदा और बॉन्ड पर कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टर इन फ्री सुविधाओं के पात्र नहीं हैं, क्योंकि यह केवल अंशदान करने वाले बीमित व्यक्तियों के लिए है। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पंजीकरण और भर्ती प्रक्रिया की निगरानी अब पहले से अधिक सख्त होगी। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
