फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन फरीदाबाद (IMA Faridabad) एवं अपोलो अस्पताल नई दिल्ली के सौजन्य से एक मेडिकल संगोष्टी का आयोजन नीलम बाटा रोड स्थित होटल डिलाइट ग्रेंड में देर शाम शनिवार को किया गया। इस संगोष्टी में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा के प्रेसिडेंट डॉ अनिल मालिक मुख्यतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ कैलाश नाथ सिंह ने गुर्दा रोग के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति के बारे में डॉक्टरों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया की क्रोनिक किडनी डिजीज के एडवांस स्टेज में जाने के बाद किडनी को ठीक करना बहुत कठिन हो जाता है। इसलिए किडनी डिजीज को शुरू में रोकना मरीज के लिए लाभकारी है। इसके लिए मरीजों में ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना बहुत ही जरुरी है।
साथ ही अधिक मात्रा में दर्द निवारक दवाइयों से बचना चाहियें। इसलिए यदि समय पर हस्तछेप किया जाए तो मरीज के बचने की सम्भावना अधिक हो जाती है। यदि एक बार मरीज अंतिम चरण की किडनी की बीमारी की ओर बढ़ जाता है, तो उपचार के लिए एकमात्र विकल्प या तो आजीवन डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण होता है। कार्यक्रम के अंत में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन फरीदाबाद के प्रेसिडेंट डॉ दिनेश गुप्ता ने अतिथि वक्ताओं को स्मृति चिन्ह भेट किया।
