चारधाम यात्रा 22 अप्रैल से शुरू, Vocal for Local पर रहेगा जोर

नई दिल्ली, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर जाने वालो का इंतजार अब खत्म हुआ। आपको बता दें कि चारधाम यात्रा 22 अप्रैल से शुरू हो रही है और 22 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलेंगे वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को खुलेंगे।

राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश आईएसबीटी से ”जय बद्री, जय केदार, चारों धामों में हो रही जय जयकार” के उद्घोष के बीच बसों के काफिले को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोरोना काल के बाद दूसरी बार हो रही यह यात्रा पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ेगी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी द्वारा केदारनाथ में किए गए जीर्णोद्धार कार्य की प्रशंसा की।

इसी के साथ उन्होंने बद्रीनाथ में हो रहे विकास कार्यों के अतिरिक्त हेमकुंड जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे रोपवे पर कार्य भी जल्द पूरा किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि गंगोत्री-यमुनोत्री के विकास के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है।

चारधाम धामों पर हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा

मुख्यमंत्री ने यात्रियों को आश्वासन दिया कि यात्रा के दौरान जो भी समस्याएं आएंगी, उसे भी जल्द समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार चारों धामों में यात्रियों का स्वागत हेलीकॉप्टर से फूल वर्षा कर किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस बार यात्रा पूरी तरह से सफल रहेगी, जिसका संदेश देश ही नहीं पूरे विश्व में भी जाएगा।

16 लाख से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कराया

बता दें कि इस बार केदारनाथ यात्रा के लिए करीब 16 लाख से अधिक यात्रियों ने अपना पंजीकरण करा लिया। जिसमें केदारनाथ धाम के लिए 5.41 लाख, बदरीनाथ धाम के लिए 4.56 लाख, गंगोत्री धाम के लिए 2.77 लाख, यमुनोत्री धाम के लिए 2.40 लाख यात्री पंजीकरण करा चुके हैं। परिवहन मंत्री चंदन राम दास ने कहा कि चार धाम यात्रा की सफलता को बनाए रखने के लिए कई तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं जिसमें यात्रियों के रहने, खाने-पीने के साथ वाहनों के चालकों को विशेष रूप से प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था शामिल है। इसके साथ ही 5000 वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा पर जाने वाले सभी यात्रियों का पंजीकरण किया जाएगा, जिससे यात्रियों को चार धाम जाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सभी उत्पाद टैक्स मुक्त

सभी यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ सभी प्रकार की विशेष व्यवस्था की गई है। यात्री की सुविधा के लिए होटलों सहित दुकानों से खरीदे जाने वाले सामान पर किसी भी प्रकार का टैक्स न लेने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह जब अपने घर लौटे तो स्थानीय उत्पाद लेकर ही जाएं, छोटी सी खरीदी गई चीज से उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

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Author: Prime Haryana

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