सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार का निधन, कांग्रेस के रहे थे सांसद


1984 सिख दंगों के एक मामले में दोषी कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार (20 अगस्त) को निधन हो गया. तिहाड़ जेल में उम्रैकद की सजा काट रहे सज्जन कुमार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था जहां 81 वर्ष की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली. 

भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1 नवंबर 1984 को सरस्वती विहार इलाके में पिता-पुत्र की हत्या कर दी गई थी. हत्या से जुड़े इस मामले में सज्जन कुमार को दोषी ठहराया गया था. उन्हें सरस्वती विहार में भीड़ को उकसाने का दोषी पाया गया था जिसके कारण जसवंत सिंह और उनके बेटे तरनदीप सिंह की हत्या हो गई थी. कोर्ट ने 17 दिसंबर 2018 को उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. दोषी ठहराए जाने के बाद सज्जन कुमार ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था.

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12 फरवरी को ठहराया गया था दोषी

इतना ही नहीं, कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को 12 फरवरी को दंगा करने, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने और हत्या वगैरह से जुड़ी धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था. बता दें, सजा को चुनौती देने वाली सज्जन कुमार की अपील अब भी सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है. 

फिर साल 2025 में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों के मामले में सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इन फैसलों पर कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों के मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था. 

तीन बार के सांसद थे सज्जन कुमार

सज्जन कुमार कांग्रेस की तरफ से तीन बार लोकसभा गए थे. वो बाहरी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र (अब उत्तर पूर्वी दिल्ली) के सांसद थे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी. 2018 में सज्जन कुमार ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.

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Author: Prime Haryana

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