80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् गाया. इस बीच अब तीनों नेताओं पर वंदे मातरम् का अपमान करने का आरोप लगाया जा रहा है. इस बीच हरियाणा सरकार में मंत्री में अनिल विज ने निशाना साधा है.
अनिल विज ने कहा, “जिस प्रकार से सावधान की मुद्रा में वंदे मातरम् के दौरान खड़ा होना चाहिए. उनमें से एक भी खड़ा नहीं था. वे बांते कर रहे थे और घूम रहे थे. इतना ही नहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने भाषण में बहुत कहा कि हमने देश को यह दिया, हमने देश को वो दिया, लेकिन वो यह नहीं बताते कि उन्होंने देश के साथ क्या किया. भारत का विभाजन किया. करोड़ों लोगों को बेघर किया. 10 लाख लोग मारे गए. यह भी तो कांग्रेस ने किया. क्योंकि आजादी की लड़ाई में कहीं पर भी यह नहीं कहा गया था कि हिंदू और मुसलमान के लिए दो अलग देश बनाए जाएंगे.”
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उन्होंने आगे कहा, “भारत के लिए लड़ाई लड़ी गई थी. अब खरगे देश को यह क्यों नहीं बताते कि 1984 में सिखों का जो नरसंहार हुआ. वो भी कांग्रेस के राज में हुआ. अब जंतर-मंतर पर जो आंदोलन हुआ तो राहुल गांधी ने कहा कि अगर कहीं पर गोली चलती है तो वो ऊपर के इशारे से चलती है. तो फिर यह बताना जरूरी है कि सिखों के नरसंहार के समय ऊपर का इशारा किसका था. उस वक्त प्रधानमंत्री कौन था, जिसके आदेश से इतने बेगुनाह लोग मारे गए.”
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर क्या बोले मंत्री?
15 अगस्त को लेकर उन्होंने कहा, “आज के दिन ही हिंदुस्तान आजाद हुआ था, लेकिन वो आजादी की लड़ाई 10 मई 1857 में को अंबाला कैंट से शुरू हुई. जिसे आजादी की पहली लड़ाई भी कहा जाता है. उसमें सारे हिंदुस्तान में अंग्रेजों के सशस्त्र जंग लड़ी गई और सही मायनों में आजादी का जो जज्बा था और लोगों के अंदर आजाद होने की भावना थी वो तभी से जागृत हो गई थी.”
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