हरियाणा के यमुनानगर में आज सुबह हुई भारी बारिश ने नगर निगम के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है. बारिश हुई तो शहर की गलियां नदियां बन गईं और सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं. हालात ऐसे रहे कि सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे हों या काम पर निकलने वाले लोग, हर किसी को जलभराव और गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ा.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि नालों की सफाई के बड़े-बड़े दावे आखिर कहां गए? बारिश आते ही गंदे नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं और उनका पानी सड़कों पर बहने लगा है. हद तो तब हो गई जब हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों को भी इसी गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ा. यानी एक तरफ कांवड़ियों के लिए आस्था का सफर और दूसरी तरफ नगर निगम की बदइंतजामी का इम्तिहान.
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बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल
यमुनानगर में आज तड़के हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की व्यवस्था को पूरी तरह बेनकाब कर दिया. निचले इलाकों में चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दिया. गलियों में पानी का बहाव ऐसा था जैसे सड़क नहीं, बल्कि कोई छोटी नहर बह रही हो. मुख्य सड़कों का भी यही हाल देखने को मिल रहा है. सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं हैं और वाहन चालकों को रेंग-रेंगकर निकलना पड़ रहा है.
मौसम विभाग ने पहले ही हरियाणा में येलो अलर्ट जारी किया हुआ था, लेकिन बारिश के बाद जमीनी हालात देखकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रशासन ने जलभराव से निपटने के लिए कोई पुख्ता तैयारी की थी? क्योंकि जैसे ही बारिश हुई, गंदे नाले ओवरफ्लो हो गए. नालों की गंदगी सड़कों पर आ गई और लोगों को बारिश के पानी के साथ-साथ सीवरेज के गंदे पानी से भी जूझना पड़ा.
कांवड़ियों को गंदे पानी पड़ा गुजरना
सबसे परेशान करने वाली तस्वीरें उन कांवड़ियों की सामने आईं, जो हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की तरफ जा रहे थे. कांवड़िए जिस रास्ते से गुजर रहे थे, वहां सड़क पर जमा गंदा पानी उनके पैरों और कांवड़ के आसपास तक पहुंच रहा था. मजबूरी में उन्हें इसी गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ा. एक तरफ लाखों श्रद्धालु आस्था के साथ कांवड़ यात्रा कर रहे हैं और दूसरी तरफ शहर की सड़कें उन्हें गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर कर रही हैं. वहीं, सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाज के लिए घरों से निकले लोगों की भी मुश्किलें बढ़ गईं. कई जगह बाइक और एक्टिवा पानी में बंद हो गए और लोगों को अपने वाहन धक्का देकर निकालने पड़े.
नगर निगम के दावों की खुली पोल
अब सवाल सीधे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं. नगर निगम की तरफ से लगातार नालों की सफाई और जलभराव से निपटने के इंतजामों के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन आज की बारिश ने इन दावों की असली तस्वीर सामने ला दी. बारिश शुरू हुई और नाले ओवरफ्लो हो गए. गंदा पानी सड़कों पर आ गया. हालात यहां तक पहुंचे कि नगर निगम परिसर के अंदर भी पानी दाखिल हो गया. यानी जिस सिस्टम को शहर को जलभराव से बचाना था, वही सिस्टम बारिश के सामने बेबस नजर आया.
लोगों का दावा- हर साल यही हाल
शहर के लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में यही तस्वीर देखने को मिलती है. सवाल यह है कि आखिर कब तक यमुनानगर की जनता बारिश के साथ-साथ जलभराव और गंदे पानी की मार झेलती रहेगी? फिलहाल मौसम विभाग ने आज भी मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है. ऐसे में अगर दोबारा तेज बारिश हुई तो शहर के हालात और बिगड़ सकते हैं. फिलहाल यमुनानगर की तस्वीरें साफ बता रही हैं बारिश आसमान से हुई, लेकिन शहर में जलभराव और गंदगी ने नगर निगम के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए.
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Input By : परवेज खान
