मद्रास हाईकोर्ट ने ‘बंटवारा 1947’ के पक्ष में सुनाया फैसला, पायरेटेड कॉपी ब्लॉक करने के दिए निर्देश


सनी देओल और प्रीति जिंट इन दिनों फिल्म ‘बंटवारा 1947’ की रिलीज को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ की जा रही है. हालांकि, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत की लेकिन इसे दूसरे दिन स्वतंत्रता दिवस 2026 की छुट्टी का फायदा मिला और इसकी कमाई डबल डिजिट में पहुंच गई. इसी के साथ ही मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म के पक्ष में फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने अनधिकृत ऑनलाइन और केबल डिस्ट्रीब्यूशन को रोकने के लिए अंतरिम रोक का आदेश है.

वेबसाइट्स ब्लॉक करने के दिए निर्देश

‘बार एंड बेंच’ के अनुसार, ‘आमिर खान प्रोडक्शंस बनाम BSNL’ मामले में 14 अगस्त को जारी एक आदेश में, जस्टिस के. सुरेंद्र ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और उन वेबसाइट्स को ब्लॉक करने का निर्देश दिया जो फिल्म की पायरेटेड कॉपी होस्ट कर रही थीं. इस फैसले की वजह से प्रोडक्शन हाउस को फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज होने के समय ही जरूरी कानूनी सुरक्षा मिल गई. 

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अंतरिम राहत जरूरी- जस्टिस सुरेंद्र

‘बार एंड बेंच’ के अनुसार, मद्रास हाईकोर्ट की ओर से ये निर्देश उस समय दिए गए जब पाया कि अगर फिल्म की गैर कानूनी स्ट्रीमिंग को नहीं रोका गया तो प्रोडक्शन हाउस का ऐसा नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है. 

जस्टिस सुरेंद्र की ओर से मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा गया कि इस तरह के मामलों में अगर समय रहते गैर-कानूनी प्रसारण को नहीं रोका गया तो ऐसे नुकसान होने की संभावना होती है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती. जस्टिस ने अपने फैसले में कहा कि इसलिए, फिल्म के थिएटर में चलने के अहम समय के दौरान उसके कमर्शियल हितों की रक्षा के लिए अंतरिम राहत जरूरी है. कोर्ट ने मामले में शामिल मोबाइल और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) को भी नोटिस जारी किया और जवाब मांगा. मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी.

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प्रोडक्शन हाउस ने सर्टिफिकेशन का लिया सहारा

‘बंटवारा 1947’ के प्रोडक्शन हाउस ने अपना दावा साबित करने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का सहारा लिया. इसमें उसे फिल्म का प्रोड्यूसर बताया गया था. हाईकोर्ट ने पाया कि इन डॉक्यूमेंट्स  से कॉपीराइट के मालिकाना हक को लेकर शुरुआती तौर पर एक मामला बनता है. इसी आधार पर अंतरिम राहत दी गई.

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आमिर खान प्रोडक्शन करेगा नुकसान की भरपाई

हालांकि, जस्टिस सुरेंद्र ने अपने फैसले पर ये भी कहा कि इस आदेश से कुछ लोगों के सही और कानूनी कारोबार पर असर पड़ सकता है. इसलिए अदालत की ओर से शर्त रखी गई कि अगर किसी को इस वजह से नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई आमिर खान प्रोडक्शन करेगा. इस मामले में आमिर खान प्रोडक्शंस की तरफ से वकील एस. दीपक ने दलीलें दी गईं.

‘बंटवारा 1947’ के बारे में

बहरहाल, अगर सनी देओल और प्रीति जिंटा की फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के बारे में बात की जाए तो ये एक फेमस प्ले लाहौर नी वेख्या वो जम्या नहीं पर आधारित है, जिसे ‘गदर 2’ से पहले बनाया जाना था लेकिन इसे प्रोड्यूसर नहीं मिल पा रहे थे. ‘गदर 2’ की सक्सेस के बाद आमिर खान ने इसे प्रोड्यूस करने का फैसला किया था. ‘बंटवारा 1947’ के जरिए सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी ने 27 साल बाद पर्दे पर वापसी की है. इसमें बंटवारे के समय की कहानी को दिखाया गया है.



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Author: Prime Haryana

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