भारत-श्रीलंका टेस्ट में रिकॉर्ड्स की बौछार, कायम हुए 3 बड़े कीर्तिमान


भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल के गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया. मैच में मेहमान टीम इंडिया ने 165 रन से जीत हासिल की. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप प्वाइंट्स टेबल के लिहाज से भारत के लिए यह बहुत अहम जीत रही. शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने जीत के साथ 3 बड़े रिकॉर्ड्स भी कायम कर दिए. 

गौर करने वाली बात यह रही कि तीनों में से दो रिकॉर्ड्स युवा स्पिन ऑलराउंडर मानव सुथार से जुड़े. मानव ने मुकाबले में 10 विकेट लिए. पहली पारी में उन्होंने 4 और दूसरी पारी में 6 श्रीलंकाई बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया. तो आइए जानते हैं कि 3 बड़े रिकॉर्ड्स क्या हैं. 

सबसे कम उम्र में 10-विकेट हॉल 

वैसे तो मानव सुथार भारत के लिए अवे यानी विदेशी सरजमीं पर खेले गए टेस्ट में 10-विकेट हॉल लेने वाले सातवें स्पिनर बने, लेकिन उन्होंने सबसे कम उम्र में यह कमाल किया है. सुथार से पहले रविचंद्रन अश्विन (दो बार), बिशन सिंह बेदी, इरापल्ली प्रसन्ना, भागवत चंद्रशेखर, अनिल कुंबले और हरभजन सिंह ने 10-विकेट हॉल अपने नाम किया है. सुथार के अलावा बाकी सभी खिलाड़ियों ने 28 साल या उसके बाद की उम्र में 10-विकेट हॉल लिया, लेकिन सुथार ने 24 साल और 16 दिन की उम्र में इस बड़े कमाल को अंजाम दिया. 

यह भी पढ़ें: कपिल देव के बाद ऐसा करने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज बने ओली रॉबिन्सन

टेस्ट में पहला 10-विकेट हॉल लेने के लिए सबसे कम मैच (भारत)

सुथार ने अपने सिर्फ दूसरे ही टेस्ट में 10-विकेट हॉल पूरा किया. इसके साथ वह खास लिस्ट में शुमार हो गए. सिर्फ एक ही भारतीय खिलाड़ी नरेंद्र हिरवानी ने डेब्यू टेस्ट में यह कमाल किया है. बाकी हर गेंदबाज को 10-विकेट हॉल लेने के लिए कम से कम 2 टेस्ट तो लगे ही हैं. 

1 टेस्ट में – नरेंद्र हिरवानी (1988 में चेन्नई में वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू मैच में 16/136)
2 टेस्ट में – लक्ष्मण शिवरामकृष्णन
2 टेस्ट में – अक्षर पटेल
2 टेस्ट में – मानव सुथार
4 टेस्ट में – श्रीनिवास वेंकटराघवन

भारत के लिए 501 से 600 टेस्ट के बीच सबसे ज्यादा जीत 

गॉल में श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया ने अपना 600वां टेस्ट खेला था. टीम इंडिया ने 501 से 600 टेस्ट के बीच सबसे ज्यादा मुकाबले जीतने का रिकॉर्ड बनाया है. इस बीच टीम इंडिया ने 57 मैचों में जीत दर्ज की. 

1-100 टेस्ट: 10 जीत, 40 हार, 50 ड्रॉ
101-200 टेस्ट: 25 जीत, 32 हार, 43 ड्रॉ
201-300 टेस्ट: 21 जीत, 26 हार, 1 टाई, 52 ड्रॉ
301-400 टेस्ट: 32 जीत, 31 हार, 37 ड्रॉ
401-500 टेस्ट: 42 जीत, 28 हार, 30 ड्रॉ
501-600 टेस्ट: 57 जीत, 31 हार, 2 ड्रॉ

 

यह भी पढ़ें: ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ देवदत्त पडिक्कल को मिली इतनी प्राइज मनी, रकम उड़ा देगी होश



Source link

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

Information with Confirmation

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top