बुराड़ी में हजारों लोग सड़क पर क्यों उतरे? पुलिस की बैरिकेडिंग के बाद हुआ ऐसा


बुराड़ी की जर्जर सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों को लेकर सोमवार (17 अगस्त) को लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया. आम लोगों को संस्था Voice of Burari के आह्वान पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक विरोध मार्च में शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने बुराड़ी अस्पताल से मेट्रो स्टेशन तक मार्च निकालने और वहां चक्का जाम करने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस ने मेट्रो स्टेशन से करीब आधा किलोमीटर पहले पेप्सी रोड के पास बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया.

पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर ही शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया. करीब दो घंटे तक चले धरने के दौरान लोगों ने बुराड़ी की सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मुख्य मार्गों के साथ-साथ संपर्क सड़कें भी लंबे समय से खराब हालत में हैं, जिससे रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि संबंधित विभाग या मंत्रालय का कोई वरिष्ठ अधिकारी अथवा कम से कम जिला मजिस्ट्रेट स्तर का अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क मरम्मत की समयसीमा को लेकर स्पष्ट आश्वासन दे.

एक महीने में सड़कें ठीक कराने का मिला आश्वासन

धरने के दौरान दिल्ली पुलिस के ACP ने हस्तक्षेप किया और उपराज्यपाल कार्यालय से समन्वय स्थापित किया. इसके बाद Voice of Burari के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को उपराज्यपाल कार्यालय भेजा गया, जहां संबंधित अधिकारियों के साथ सड़क की समस्या को लेकर बातचीत हुई.

प्रतिनिधिमंडल में मंगेश त्यागी, जितेंद्र फुलारा, शशि मोहन कोटनाला, महेश जोशी और नरेंद्र कुमार समेत Voice of Burari के अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे. बातचीत के दौरान अधिकारियों की ओर से बुराड़ी की सड़कों की मरम्मत का काम एक महीने के भीतर पूरा कराने का आश्वासन दिया गया.

मुख्यमंत्री कार्यालय और DM से बैठक का भी भरोसा

प्रतिनिधिमंडल को यह भी बताया गया कि जल्द ही मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला मजिस्ट्रेट के साथ Voice of Burari के प्रतिनिधियों की बैठक कराने की व्यवस्था की जाएगी. बताया गया कि जिला मजिस्ट्रेट सोमवार को दिल्ली से बाहर होने के कारण प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं कर सके.
अधिकारियों से मिले इन आश्वासनों के बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम समाप्त करने का फैसला लिया. इसके साथ ही आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया.

एक महीने तक काम की प्रगति पर नजर रखेगी जनता

Voice of Burari ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति या सरकार का विरोध करना नहीं, बल्कि बुराड़ी के लोगों के सुरक्षित आवागमन और बेहतर बुनियादी सुविधाओं की मांग को सामने रखना है. संगठन ने कहा कि वह प्रशासन और सरकार के साथ सहयोग करना चाहता है और उम्मीद करता है कि अधिकारियों की ओर से दिया गया आश्वासन तय समयसीमा में धरातल पर दिखाई देगा.

अब स्थानीय नागरिक अगले एक महीने के दौरान सड़क मरम्मत कार्य की प्रगति पर नजर रखेंगे. Voice of Burari ने साफ किया है कि यदि तय समय में काम संतोषजनक तरीके से पूरा नहीं हुआ, तो संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को और व्यापक करने का रास्ता अपनाएगा.



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Prime Haryana
Author: Prime Haryana

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