नीदरलैंड से हारी टीम इंडिया, वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने का सपना चकनाचूर


2026 हॉकी वर्ल्ड कप में मेजबान नीदरलैंड ने भारतीय टीम को हरा दिया है. नीदरलैंड ने 3-1 से भारत को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है. वहीं इस हार के बाद भारतीय टीम अब सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई है. टीम इंडिया के लिए यह मैच करो या मरो वाला था, क्योंकि अंतिम 4 में जगह बनाने के लिए भारतीय टीम को हर हाल में यह मैच जीतना था. हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम को अब दूसरे दौर का आखिरी मैच सोमवार को अर्जेंटीना से खेलना है. इसके बाद टीम पांचवें से आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन मुकाबले खेलेगी.

भारत के लिए मैच में एकमात्र गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 52वें मिनट में किया. नीदरलैंड के लिये डुको टेलगेनकेम्प, येप होडेमेकर्स और वान डैम यिप  ने गोल दागे. इस जीत के साथ डच टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब रही. पहले दौर में इंग्लैंड से हारने वाली भारतीय टीम दूसरे दौर में कोई अंक लेकर नहीं आई थी. अब अर्जेंटीना को हराने के बाद भी उसके तीन ही अंक होंगे, जिससे उसके अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं.

भारतीय टीम ने पहले हाफ में बेहद सधा हुआ खेल दिखाकर डच टीम को बांधे रखा. भारतीय बैकलाइन ने जहां कोई गलती नहीं की, वहीं मिडफील्ड में गेंद पर लंबे समय कब्जा नहीं रहने दिया. तीसरे मिनट में भारत ने दबाव बनाते हुए दाहिने ओर से सर्कल में प्रवेश किया, लेकिन डच डिफेंडरों ने प्रयास को सफल नहीं होने दिया. आठवें मिनट में हार्दिक के पास पर राजिंदर गेंद लेकर डी के भीतर गए, लेकिन एक बार फिर भारत डच डिफेंस को भेद नहीं सका.

इसके तीन मिनट बाद नीदरलैंड के वान डाम दीस ने बायें ओर से मिले पास पर रिवर्स हिट लगाया, लेकिन गेंद उनकी स्टिक के पीछे से लगकर गई थी. भारत को फ्री हिट मिली, लेकिन गेंद पर से नियंत्रण चला गया. मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर डच टीमको 13वें मिनट में मिला, लेकिन यिप यानसेन की ड्रैग फ्लिक को मनप्रीत ने अपनी रशिंग से बखूबी ब्लॉक किया. 

पहले पंद्रह मिनट में मैच पर भारतीय डिफेंस का दबदबा रहा. दूसरे क्वार्टर के शुरूआती मिनट में ही नीदरलैंड को लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से एक पर भी गोल नहीं हो सका. भारतीय खिलाड़ियों ने बेहद समझदारी का प्रदर्शन करते हुए साफ सुथरी टैकलिंग की और कोई फाउल नहीं होने दिया. भारत को 24वें मिनट में गोल करने का मौका मिला, जब मनप्रीत से गेंद लेकर दिलप्रीत सर्कल में गए लेकिन डच गोलकीपर मेयेर डर्क ने गेंद भीतर नहीं जाने दी. हालांकि सर्कल के भीतर राजिंदर रिबाउंड पर बेहतर निशाना साध सकते थे. 

ब्रेक से चार मिनट पहले हार्दिक से गेंद लेकर सुखजीत सर्कल के भीतर गए जहां दो डच डिफेंडरों ने उन्हें घेरा. गिरने पर पेनल्टी कॉर्नर की मांग को अंपायर ने ठुकरा दिया. मनप्रीत के शॉट पर गेंद यानसेन की स्टिक से टकराई जिन्होंने उसे बाहर निकाल दिया. आखिरी मिनट में भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस ने एक बेहतरीन बचाव किया. 

हाफटाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी थी. इस क्वार्टर में भारतीयों ने भी आगे बढ़कर हमले बोले, लेकिन डच बैकलाइन ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया. भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर 35वें मिनट में रेफरल पर मिला. अभिषेक के पास पर गेंद डच डिफेंडर के पैर से टकराई थी, जिस पर अंपायर ने पेनल्टी कॉर्नर नहीं दिया था. हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक नीदरलैंड के फर्स्ट रशर के पैर से लगी जिस पर भारत को रेफरल लेने पर दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन हरमनप्रीत का शॉट बाहर से निकल गया.

अब तक मुस्तैद रहे भारतीय डिफेंस को एक पल की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा और नीदरलैंड ने आसान गोल कर दिया. तिमैन रेयांगा को सर्कल के भीतर गेंद मिली जिन्होंने निशाना साधा और गेंद डुको टेलगेनकेंप की स्टिक से डिफ्लैक्ट होकर भीतर चली गई. भारतीय गोलकीपर मोहित के पास कोई मौका नहीं था. 

भारत को पलटवार में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक गोलकीपर ने रोक दी. गेंद सर्कल के भीतर रहते हुए भारतीय स्ट्राइकरों ने रिबाउंड के प्रयास किये लेकिन सफलता नहीं मिली. 

भारत के लिये 47वें मिनट में अभिषेक ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन हरमनप्रीत मैदान पर नहीं थे. अमित रोहिदास की स्लैप हिट डिफ्लेक्शन से बाहर निकल गई. भारत ने डिफेंडर के पैर पर गेंद लगने के कारण रिव्यू लिया और भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन संजय का शॉट गोलकीपर ने रोक दिया.

नीदरलैंड ने 51वें मिनट में बढ़त दुगुनी कर ली जब डिफेंस से सर्कल के भीतर तक सिर्फ तीन लंबे पास पर होडेनमेकर्स ने फिनिशर का काम करते हुए गेंद को गोल के भीतर डाला. अगले मिनट जवाबी हमले पर राजिंदर ने भारत के लिये पेनल्टी कॉर्नर बनाया और हरमनप्रीत की तेज रफ्तार ड्रैग फ्लिक को डच डिफेंस रोक नहीं सका. 

भारत की मैच में वापसी की उम्मीदें बंधने ही लगी थीं कि नीदरलैंड ने एक और आसान गोल करके मैच पर शिकंजा कस लिया. भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने गेंद गंवाई जो वान डैम के पास गई जिसे रोकने के लिये भारतीय गोलकीपर आगे निकल आये और वान डैम ने आसानी से गेंद भीतर डाल दी.

इस स्टोरी में इनपुट पीटीआई से लिया गया है. 

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Author: Prime Haryana

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