दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने CNG ऑटो को धीरे-धीरे सड़क से हटाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है. इसके तहत NCR के अलग-अलग शहरों में CNG ऑटो के नए रजिस्ट्रेशन पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाई जाएगी.
प्रस्तावित योजना के मुताबिक, जनवरी 2028 से नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में CNG ऑटो का नया रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा. यानी इन शहरों में इसके बाद नए CNG ऑटो को पंजीकृत कराने की अनुमति नहीं होगी. इसके बाद योजना को NCR के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाएगा.
2029 से बाकी NCR में भी रोक
सरकार के प्लान के अनुसार जनवरी 2029 से NCR के बाकी जिलों में भी CNG ऑटो के नए रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाई जाएगी. इस तरह पूरे NCR में धीरे-धीरे CNG ऑटो की जगह कम प्रदूषण वाले वाहनों को बढ़ावा देने की तैयारी है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि मौजूदा CNG ऑटो तुरंत सड़कों से हटा दिए जाएंगे. प्रस्तावित नीति मुख्य रूप से नए रजिस्ट्रेशन को रोकने पर केंद्रित है.
आगे सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो को बढ़ावा
सरकार की योजना आगे चलकर इन क्षेत्रों में नए ऑटो के तौर पर सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो को रजिस्ट्रेशन देने की है. इससे पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले वाहनों की संख्या में धीरे-धीरे कमी लाने का लक्ष्य है.
प्रदूषण कम करना सरकार का मकसद
दिल्ली-NCR लंबे समय से गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या से जूझता रहा है. वाहनों से निकलने वाला धुआं भी प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में शामिल है. सरकार का मानना है कि पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को धीरे-धीरे कम करके इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से हवा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है.
इस योजना के लागू होने के बाद दिल्ली-NCR के ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. हालांकि, CNG ऑटो चालकों और नए वाहन खरीदने वालों पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में नजर आएगा.
