राजधानी दिल्ली को कूड़े से मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम ने सफाई अभियान तेज कर दिया है. शनिवार को उत्तर पश्चिमी दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके में ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान के तहत मेगा मार्च निकाला गया.
इस मार्च में दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही शामिल हुए. उन्होंने करीब दो किलोमीटर तक पैदल मार्च किया और श्रमदान करते हुए सड़क पर झाड़ू लगाकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया.
स्वच्छ भारत अभियान के तहत चल रही मुहिम
यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से शुरू की गई ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ मुहिम के तहत आयोजित किया गया. महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि नगर निगम दिल्ली को स्वच्छ, हरित और कूड़ा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए आने वाले दिनों में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
सड़क सफाई से लेकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश
मेगा मार्च में उत्तर पश्चिम क्षेत्र के उपायुक्त अंशुल सिरोही, निगम अधिकारी, सफाई कर्मचारी और स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए. इस दौरान सड़कों और आसपास के इलाकों में सफाई अभियान चलाया गया. महापौर ने अधिकारियों को सड़क किनारे पेड़ों की छंटाई, अतिक्रमण हटाने और सड़कों के गड्ढों को भरने के निर्देश दिए. इसके अलावा मच्छरों की रोकथाम के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव किया गया और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किया गया.
कूड़े के पहाड़ खत्म करने का दावा
महापौर ने कहा कि दिल्ली में वर्षों से मौजूद कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने की दिशा में नगर निगम ने काफी प्रगति की है. उन्होंने दावा किया कि तय समयसीमा के भीतर इन कचरा पहाड़ों को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने बताया कि नए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए आधुनिक संयंत्र विकसित किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में जमा होने वाले कचरे का भी सही तरीके से निपटारा किया जा सके.
अभियान के बीच बड़ा सवाल- क्या सच में साफ होगी दिल्ली?
हालांकि सफाई अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं, लेकिन दिल्ली के कई इलाकों में अभी भी कूड़े के ढेर, खुले में फेंका गया कचरा, जाम नालियां और खराब कचरा प्रबंधन जैसी समस्याएं दिखाई देती हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या केवल अभियान और मार्च से दिल्ली वास्तव में कूड़ा मुक्त हो पाएगी? विशेषज्ञों का मानना है कि इसके लिए नियमित निगरानी, बेहतर कचरा प्रबंधन व्यवस्था और लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है.
महापौर ने नागरिकों से अपील की कि वे घरों से निकलने वाले कूड़े को अलग-अलग करें, सड़कों पर कचरा न फेंकें और निगम के कूड़ा संग्रह वाहनों का इस्तेमाल करें. उन्होंने कहा कि दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए निगम के साथ-साथ जनता की भागीदारी भी बेहद जरूरी है. मेगा मार्च के दौरान महापौर ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया और लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की.
