‘ड्रिंक-एंड-ड्राइव’ मामले में डेविड वॉर्नर दोषी करार, लगा भारी जुर्माना


ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज डेविड वॉर्नर (David Warner) को अब गाड़ी चलाने के लिए इंटरलॉक डिवाइस (एक तरह का ब्रेथ एनालाइजर) का इस्तेमाल करना होगा, क्योंकि सिडनी की एक अदालत ने ड्रिंक-एंड-ड्राइव मामले में उन्हें दोषी पाया है. ईस्टर संडे के दिन रैंडम ब्रेथ-टेस्टिंग साइट के पास पहुंचने पर एक यात्री के साथ सीट बदलने की कोशिश करने के बाद, 39 वर्षीय वॉर्नर पर ‘मिड-रेंज’ ड्रिंक-ड्राइविंग के लिए 1,500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 1 लाख भारती रुपये) का जुर्माना भी लगाया गया.

यह घटना 5 अप्रैल (ईस्टर संडे) को हुई थी, जब वॉर्नर एक वाहन चला रहे थे और रैंडम ब्रेथ-टेस्टिंग साइट से पहले ही रुकने के कारण चर्चा में आ गए. रैंडम ब्रेथ टेस्ट में कानूनी सीमा से दोगुने से ज्यादा अल्कोहल पाए जाने पर पूर्व टेस्ट ओपनर पर ‘मिड-रेंज’ ड्रिंक-ड्राइविंग का आरोप लगाया गया था. पिछले महीने वॉर्नर ने सिडनी की अदालत में ड्रिंक-ड्राइविंग के आरोप को स्वीकार कर लिया था.

अदालत ने इस मामले में अंतिम सजा सुनाने के लिए 18 अगस्त की तारीख तय की थी, जहां वॉर्नर को ‘मिड-रेंज’ ड्रिंक-ड्राइविंग के उल्लंघन के लिए स्थानीय ट्रैफिक कानूनों के तहत सजा का सामना करना पड़ा. ‘क्रिकेटडॉटकॉमडॉटएयू’ की रिपोर्ट के अनुसार, वॉर्नर के वकील अवैस अहमद ने तर्क दिया कि उन्हें इस अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि मीडिया कवरेज के कारण उन्हें पहले ही अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ी है. 

अवैस ने वेवरली लोकल कोर्ट को बताया कि उनके क्लाइंट की इस गलती को ईएसपीएन, अल जजीरा और अन्य सहित वैश्विक मीडिया आउटलेट्स में कवर किया गया था. भारत और बांग्लादेश जैसे देशों में, जहां वॉर्नर टी20 फ्रेंचाइजी लीग में खेलने की कोशिश कर सकते हैं, वहां ‘नॉन-ड्रिंकिंग कल्चर’ (शराब न पीने की संस्कृति) को स्वीकार किया जाता है. 

उन्होंने कहा, उनके अपराध के परिणाम गंभीर हैं. व्यावसायिक अवसरों पर असर पड़ रहा है. इस अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने, जिसमें ब्रेथ टेस्ट में कानूनी सीमा से दोगुने से ज्यादा अल्कोहल पाया गया था. इससे आगामी बीबीएल सीजन के लिए ‘थंडर’ के कप्तान के तौर पर उनकी स्थिति पर संदेह पैदा कर दिया है. वॉर्नर को तब गिरफ्तार किया गया था जब वह पाकिस्तान से ईस्टर की छुट्टी पर घर लौट रहे थे; पाकिस्तान में उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग में कराची किंग्स की कप्तानी की थी. 

आरोप लगने के बाद वह अपना पीएसएल अभियान जारी रखने के लिए पाकिस्तान लौट गए थे. अवैस ने अपराध की मामूली प्रकृति को देखते हुए वॉर्नर की गिरफ्तारी के बारे में प्रेस रिलीज जारी करने के एनएसडब्ल्यू पुलिस के फैसले पर भी सवाल उठाए. वकील ने कहा, इसके बाद मीडिया की तरफ से बहुत ज्यादा आलोचना हुई. जज क्लेयर फॉर्नन ने कहा कि वॉर्नर और उनकी पत्नी कैंडिस वॉर्नर के बारे में सोशल मीडिया पर क्रूर टिप्पणियां किए जाने के सबूत थे, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें दोषी ठहराने के फैसले में सबसे अहम बात लोगों को शराब पीकर गाड़ी चलाने से रोकना था, और अपराध इसलिए और गंभीर हो गया, क्योंकि उस समय कार में बच्चे भी मौजूद थे. वॉर्नर ‘इंटरलॉक लाइसेंस’ के लिए आवेदन करने और अपनी कार में वह डिवाइस लगवाने के बाद गाड़ी चला सकेंगे. अगर इंटरलॉक डिवाइस को उनके शरीर में शराब का पता चलता है, तो वह कार को स्टार्ट नहीं होने देगा.

 

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Author: Prime Haryana

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