क्या फोन के फिंगरप्रिंट लॉक से खुल जाएगा लैपटॉप? जानें पूरा सच


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  • फोन का फिंगरप्रिंट सीधे लैपटॉप अनलॉक नहीं कर सकता है।
  • बायोमेट्रिक डेटा सुरक्षा के कारण फिंगरप्रिंट सीधा साझा नहीं होता।
  • कुछ ऐप्स फोन को लैपटॉप प्रमाणीकरण हेतु उपयोग करते हैं।
  • एडवांस लैपटॉप में विंडोज हैलो/टच आईडी जैसे विकल्प मौजूद।

Tech Tips: टेक्नोलॉजी की दुनिया में कई सारे स्मार्ट डिवाइस मार्केट में आ चुके हैं. स्मार्टफोन आज के समय में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला डिवाइस बन चुका है. अब बढ़ती टेक्नोलॉजी के साथ आजकल स्मार्टफोन कई सारे बेहतरीन फीचर्स भी देखने को मिलते हैं. बता दें कि डिजिटल दुनिया में डेटा की ज्यादा अहमियत होती है. इसीलिए डिवाइस में अब ज्यादा एडवांस सेफ्टी फीचर्स आने लगे हैं. इसी कड़ी में बता दें कि अक्सर ये सवाल आता है कि क्या फोन में मिलने वाले फिंगरप्रिंट सेंसर से लैपटॉप को अनलॉक किया जा सकता है या नहीं. आइए जानते हैं इसकी पूरी सच्चाई.

क्या फोन का फिंगरप्रिंट लैपटॉप खोल सकता है?

दरअसल, ऐसा नॉर्मली नहीं हो सकता है. आपके फोन में सेव फिंगरप्रिंट डेटा सीधे लैपटॉप के साथ शेयर नहीं हो सकता है. स्मार्टफोन में फिंगरप्रिंट की जानकारी बेहद सुरक्षित तरीके से डिवाइस के सिक्योर हार्डवेयर या सिक्योर एरिया में रखी जाती है. इसका इस्तेमाल फोन ये चेक करने के लिए करता है कि डिवाइस इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति ऑथराइज्ड है या नहीं. इसका मतलब ये है कि फोन में रजिस्टर्ड आपकी उंगली का फिंगरप्रिंट लैपटॉप में ट्रांसफर होकर उसे अनलॉक नहीं करता है.

क्यों शेयर नहीं होता फिंगरप्रिंट डेटा

आपको बता दें कि फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक जानकारी होती है इसलिए इसे नॉर्मल फोटो या किसी फाइल की तरह दूसरे डिवाइस पर भेजना किसी भी एंगल से सुरक्षित नहीं माना जाता है. एडवांस स्मार्टफोन नॉर्मली फिंगरप्रिंट की असली इमेज किसी ऐप या दूसरे डिवाइस को नहीं दे सकते हैं.

फोन का सिक्योरिटी सिस्टम सिर्फ ये पुष्टि करता है कि स्कैन किया गया फिंगरप्रिंट पहले से रजिस्टर्ड फिंगरप्रिंट से मेल खाता है या नहीं. इसके बाद डिवाइस या ऐप को परमिशन दी जाती है.

फिर फोन से लैपटॉप कैसे अनलॉक हो सकता है?

बताते चलें कि कुछ मामलों में स्मार्टफोन लैपटॉप को अनलॉक करने में मदद करता है लेकिन फोन के फिंगरप्रिंट से फोन को अनलॉक करना संभव नहीं है. दरअसल, कुछ ऐप्स और सॉफ्टवेयर स्मार्टफोन और कंप्यूटर के बीच सेफ कनेक्शन बनाकर फोन को एक तरह की ऑथेंटिकेशन डिवाइस की तरह इस्तेमाल करते हैं. जैसे फोन पर फिंगरप्रिंट से अपनी पहचान वेरिफाई करने के बाद ऐप लैपटॉप को अनलॉक करने की परमिशन देता है. ये सुविधा संबंधित ऑपरेटिंग सिस्टम, फोन, ऐप और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर निर्भर करती है.

Windows और Mac में क्या हैं ऑप्शन?

टेक्नोलॉजी के जमाने में कई एडवांस लैपटॉप में अपना अलग बायोमेट्रिक सिक्योरिटी सिस्टम होता है. Windows वाले कंप्यूटर में कुछ डिवाइस Windows Hello के जरिए फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन सपोर्ट करते हैं. वहीं, कुछ MacBook मॉडल में Touch ID दिया जाता है. इनका फायदा ये है कि फिंगरप्रिंट सेंसर डॉयरेक्ट लैपटॉप के सिक्योरिटी सिस्टम से जुड़ा होता है, इसलिए डिवाइस को अनलॉक करने के लिए फोन की जरूरत नहीं होती है.

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Author: Prime Haryana

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