रोहतक के बहुचर्चित मुस्कान आत्महत्या मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है, महम चौबीसी की सर्वखाप पंचायत ने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू पहलवान और उनके परिवार को माफ करने का फैसला सुनाया है. करीब पांच घंटे चली पंचायत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं. वाद-विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बाद पंचायत ने शीलू पहलवान, उनके पिता सुरेंदर बल्हारा, माता और भाई मनीष को माफ करने का फैसला सुनाया. पंचायत के इस फैसले को दोनों पक्षों ने स्वीकार किया है.
दरअसल, महम चौबीसी और अठगामा की पंचायत में शीलू पहलवान, उनके भाई मनीष और पिता सुरेंदर बल्हारा मौजूद रहे. पंचायत के सामने चारों आरोपियों ने अपनी बात रखी और माफी मांगी. इसके बाद खाप प्रतिनिधियों ने बड़ा दिल दिखाते हुए सभी को माफ करने की बात कही.
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बच्चों के भविष्य को पंचायत ने दी प्राथमिकता
पंचायत ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय परिवार और बच्चे के भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. पंचायत ने मुस्कान और शीलू पहलवान के करीब आठ माह के बेटे के भविष्य को ध्यान में रखकर फैसला लिया है. पंचायत प्रतिनिधियों के मुताबिक बच्चे के नाम 50 लाख रुपये की एफडी कराने और हिस्से की जमीन उसके नाम करने का फैसला लिया गया है. इसके लिए सभी जरूरी कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही एक सप्ताह के भीतर पूरी करने की बात कही गई है.
पंचायत में शीलू पहलवान की दूसरी शादी का रखा प्रस्ताव
पंचायत में शीलू पहलवान की दोबारा शादी का प्रस्ताव भी रखा गया. वहीं मुस्कान पक्ष की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत को वापस लेने की बात भी पंचायत में सामने आई. पंचायत प्रतिनिधियों ने दोनों परिवारों के बीच आपसी सहमति और भाईचारा कायम रखने पर जोर दिया. पांच घंटे तक चली इस पंचायत में दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया.
इसी दौरान कई मुद्दों पर बहस और आरोप-प्रत्यारोप भी हुए. आखिर में खाप प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया. अब पंचायत के फैसले के बाद देखना होगा कि बच्चे के नाम एफडी और जमीन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है और पुलिस शिकायत वापस लेने की कार्रवाई किस तरह आगे बढ़ती है.
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