महिला सम्मेलन में केंद्रीय बजट 2026-27 पर संवाद, महिला सशक्तिकरण को बताया राष्ट्र निर्माण की आधारशिला
फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। जिला भारतीय जनता पार्टी द्वारा सागर सिनेमा सेक्टर-16 फरीदाबाद में महिला सम्मेलन- केंद्रीय बजट 2026-27 पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने सहभागिता करते हुए मातृशक्ति से संवाद किया और महिलाओं को विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण आज केवल सामाजिक विषय नहीं रहा बल्कि देश की आर्थिक प्रगति का एक मजबूत आधार बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 महिलाओं को केंद्र में रखकर विकास की स्पष्ट दिशा तय करता है यह बजट महिलाओं को केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं बल्कि आर्थिक विकास और राष्ट्र निर्माण की भागीदार के रूप में स्थापित करता है।
उन्होंने कहा कि बजट का दृष्टिकोण समग्र है जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को एक साथ जोड़ा गया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि महिला सशक्तिकरण कोई दया या सहायता नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की दीर्घकालिक रणनीति है। इस सोच के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस और व्यावहारिक नीतियां लागू की जा रही हैं।
विपुल गोयल ने बजट की प्रमुख पहल शी मार्ट्स का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को केवल स्वयं सहायता समूहों तक सीमित रखना नहीं बल्कि उन्हें उद्यमी और व्यवसाय की मालिक बनाना है क्रेडिट आधारित आजीविका योजनाओं से महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा जिससे महिलाएं केवल आय अर्जित करने वाली नहीं बल्कि रोजगार सृजन करने वाली बनेंगी छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्रीय बाजार तक अपनी पहुंच बना सकेंगी।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए किए गए सुधार अनुपालन प्रक्रिया का सरलीकरण और विकास कोष जैसी व्यवस्थाएं महिला उद्यमिता को नई गति देंगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित स्टार्टअप संस्कृति ने महिलाओं को नवाचार और व्यवसायिक नेतृत्व में आगे बढ़ने का अवसर दिया है, आज महिलाएं तकनीक, फैशन, फूड प्रोसेसिंग और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अपनी सशक्त पहचान बना रही हैं।