भारत में इंटरनेट और डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अब सिर्फ स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रह गया है. मशीन-टू-मशीन (M2M) कनेक्शन और IoT यानी Internet of Things का दायरा भी काफी तेजी से बढ़ा है. Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) की जुलाई 2026 की टेलीकॉम सब्सक्रिप्शन रिपोर्ट के मुताबिक, Airtel, Jio और Vodafone Idea (Vi) तीनों कंपनियों के M2M कनेक्शनों में लगातार इजाफा दर्ज किया गया है.
Jio का क्या हाल है
Reliance Jio ने M2M सेगमेंट में लगातार बेहतर परफॉर्मेंस दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 में कंपनी के M2M कनेक्शन 20.60 मिलियन थे जो जुलाई में बढ़कर 26.56 मिलियन पहुंच गए हैं.
वहीं, छह महीने के दौरान Jio ने 5.96 मिलियन M2M कनेक्शन जोड़े हैं. सिर्फ जुलाई की बात करें तो Jio ने 0.80 मिलियन नए M2M कनेक्शन जोड़े हैं. इस दौरान कंपनी का कुल वायरलेस सब्सक्राइबर बेस भी 491.49 मिलियन से बढ़कर 506.03 मिलियन हो गया है.
Vi को M2M से मिला सहारा
Vodafone Idea के लिए भी M2M कारोबार लगातार पॉजिटिव रहा है. जुलाई के आकंड़ों की बात करें तो कंपनी का नंबर बढ़कर 21.92 मिलियन हो गया है. जनवरी से अब तक ये 3.11 मिलियन की बढ़ोतरी है.
दिलचस्प बात यह है कि Vi के कंज्यूमर सेगमेंट पर दबाव बना रहा. जुलाई में कंपनी के कंज्यूमर SIM कनेक्शनों में करीब 59,000 की कमी आई है. ऐसे में M2M सेगमेंट की ग्रोथ कंपनी के लिए फायदा लेकर आई है.
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Airtel सबसे आगे
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि M2M कनेक्शन बढ़ाने के मामले में Bharti Airtel तीनों कंपनियों में सबसे आगे रही है. जनवरी 2026 में Airtel के पास 70.18 मिलियन M2M कनेक्शन थे जो जुलाई तक बढ़कर 84.45 मिलियन हो गए हैं.
इस तरह करीब छह महीनों में कंपनी ने 14.27 मिलियन नए M2M कनेक्शन जोड़े. ये लगभग 20.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.
क्या होता है M2M कनेक्शन?
जानकारी के अनुसार, M2M टेक्नोलॉजी के तहत मशीनें और डिवाइस बिना ह्यूमन इंट्रप्शन के एक-दूसरे से डेटा शेयर कर सकते हैं. इसका इस्तेमाल स्मार्ट मीटर, वाहन ट्रैकिंग, इंडस्ट्रियल मशीनरी, सिक्योरिटी सिस्टम और कई तरह के IoT डिवाइस में किया जाता है. ऐसे कनेक्शनों की बढ़ती संख्या बताती है कि भारत में डिजिटल और कनेक्टेड डिवाइस का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है.
M2M बाजार क्यों है अहम?
M2M कनेक्शन टेलीकॉम कंपनियों के लिए इसलिए जरूरी हैं क्योंकि इनसे उन्हें स्मार्टफोन यूजर्स के अलावा भी एक बड़ा कारोबारी बाजार मिलता है. जैसे-जैसे IoT, स्मार्ट वाहन, ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल डिजिटलाइजेशन का विस्तार होगा, ऐसे कनेक्शनों की जरूरत भी बढ़ती जाएगी.
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