फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के सदस्य सचिव योगेश कुमार की अध्यक्षता में फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिलों के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यमुना नदी प्रदूषण नियंत्रण, औद्योगिक इकाइयों की निगरानी और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए), नगर निगम फरीदाबाद, नूंह एवं पलवल नगर परिषदें, सिंचाई विभाग और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सदस्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सख्त और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
औद्योगिक एवं वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एचएसपीसीबी और डीएचबीवीएन को सरूरपुर व आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित इकाइयों को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए। जिन इकाइयों में स्वीकृत ईंधन का उपयोग नहीं हो रहा है या वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (APCD) नहीं लगे हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यमुना नदी संरक्षण के लिए पुलिस और नगर निगम को अवैध सीवेज टैंकरों पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। सिंचाई विभाग को नालों के किनारे फेंसिंग लगाने और कचरा डंपिंग रोकने के लिए भौतिक अवरोध स्थापित करने को कहा गया। धार्मिक गतिविधियों से उत्पन्न अपशिष्ट को रोकने हेतु समर्पित घाटों के निर्माण पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह भी तय हुआ कि अवैध औद्योगिक इकाइयों को जगह देने वाले भू-स्वामियों पर कानूनी कार्रवाई होगी। जिन इकाइयों पर पर्यावरणीय मुआवजा (EC) बकाया है, उनकी संचालन स्वीकृति (CTO) रद्द कर दी जाएगी और राशि भू-राजस्व की तरह वसूली जाएगी। सदस्य सचिव ने नगर निगम और एचएसपीसीबी को प्रतिबंधित सिंगल-यूज़ प्लास्टिक की जब्ती और चालान की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।