फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। एनआईटी क्षेत्र में सरकारी राशन की कालाबाजारी का बड़ा खेल सामने आया है। मुख्यमंत्री उड़ान दस्ता (CM Flying Squad) ने गुप्त सूचना के आधार पर जवाहर कॉलोनी में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध स्टॉक बरामद किया है। इस कार्रवाई ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तीन डिपो का स्टॉक एक ही जगह मिला:
डीएसपी साकिर हुसैन के नेतृत्व में मुख्यमंत्री उड़ान दस्ता और खाद्य आपूर्ति निरीक्षक संदीप की टीम ने जवाहर कॉलोनी स्थित शिवराज के राशन डिपो पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पता चला कि इस डिपो पर दो अन्य डिपो धारकों (अजय और वीरेंद्र) की सप्लाई भी अटैच की गई थी।
छापेमारी में मिली अनियमितताएं:
अवैध स्टॉक: ऑनलाइन रिकॉर्ड के मुकाबले मौके पर **32.49 क्विंटल गेहूं, 31 लीटर तेल और 10 किलो चीनी अधिक पाई गई।
कुल बरामदगी: टीम ने तीनों डिपो के स्टॉक को मिलाकर कुल 374 कट्टे गेहूं, 1138 लीटर तेल और 5.20 क्विंटल चीनी बरामद की।
धोखाधड़ी: राशन कार्डधारकों को अनाज न बांटकर उसे कालाबाजारी के लिए जमा किया गया था।
बड़ा सवाल: इंस्पेक्टरों पर मेहरबानी क्यों?
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू विभाग के अधिकारियों की भूमिका है। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टरों की मिलीभगत या ‘मौन सहमति’ के बिना इतना बड़ा खेल संभव नहीं है।
हैरानी की बात यह है कि जब भी ऐसी छापेमारी होती है, गाज केवल डिपो धारकों पर गिरती है। विभाग के उन संबंधित इंस्पेक्टरों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती, जिनकी नाक के नीचे यह कालाबाजारी धड़ल्ले से फल-फूल रही है। बिना विभागीय सहभागिता के ऑनलाइन स्टॉक और फिजिकल स्टॉक में इतना बड़ा अंतर आना नामुमकिन है।
कानूनी कार्यवाही
निरीक्षक संदीप की शिकायत पर थाना सारण, फरीदाबाद में डिपो धारक के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस और विभाग आगे की जांच की बात कह रहे हैं, लेकिन क्षेत्र में चर्चा है कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा नहीं कसेगा, राशन की चोरी नहीं रुकेगी।
