ग्रेटर फरीदाबाद में RWA के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, सैकड़ों निवासियों ने निकाली रैली

पुरानी सिक्योरिटी और मेंटेनेंस एजेंसी को बहाल करने की मांग, खर्चों में पारदर्शिता नहीं होने का आरोप

फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद की समर पाम सोसायटी में रविवार को आरडब्ल्यूए के खिलाफ निवासियों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सोसायटी के सैकड़ों महिला और पुरुष निवासी सुबह ही परिसर में एकत्रित हुए और हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर पूरी सोसायटी में रैली निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरडब्ल्यूए के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।

प्रदर्शन कर रहे निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में पिछले करीब दस वर्षों से सुरक्षा एवं रखरखाव का काम संभाल रही एजेंसी को बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के बदल दिया गया। निवासियों का कहना है कि एजेंसी बदलने के फैसले से पहले उनसे उनकी राय नहीं ली गई, जिसके चलते लोगों में रोष है।

आरडब्ल्यूए पर मनमानी के आरोप

निवासियों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि सोसायटी में कई मूलभूत सुविधाओं और रखरखाव से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। इन समस्याओं को लेकर बार-बार मांग उठाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही।

प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि जब निवासी सोसायटी की व्यवस्थाओं और आरडब्ल्यूए के फैसलों को लेकर सवाल उठाते हैं तो उनके साथ कथित तौर पर अलग-अलग तरीके से परेशान करने वाला व्यवहार किया जाता है। कुछ लोगों ने सोसायटी के ग्रुप से हटाए जाने और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए।

पुरानी एजेंसी बहाल करने की मांग

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी निवासियों ने आरडब्ल्यूए महासचिव एसएम गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पुरानी एजेंसी को दोबारा सुरक्षा और मेंटेनेंस का जिम्मा सौंपने की मांग की गई। निवासियों का कहना है कि पुरानी एजेंसी लंबे समय से सोसायटी में सेवाएं दे रही थी और एजेंसी बदलने से पहले सभी निवासियों से राय ली जानी चाहिए थी।

खर्चों और बजट में पारदर्शिता की मांग

प्रदर्शनकारियों ने आरडब्ल्यूए के वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए। निवासियों के मुताबिक सोसायटी में मरम्मत अथवा अन्य कार्यों पर 10 हजार रुपये से अधिक खर्च होने की स्थिति में जनरल बॉडी को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। आरोप है कि कई बार ईमेल के माध्यम से खर्चों का विस्तृत ब्यौरा मांगे जाने के बावजूद आरडब्ल्यूए की ओर से आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

निवासियों ने सोसायटी में कबाड़ की बिक्री को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि हाल ही में करीब 50 लाख रुपये का कबाड़ बेचा गया, लेकिन इस संबंध में आरडब्ल्यूए की ओर से पूरा रिकॉर्ड अथवा विस्तृत जानकारी निवासियों के सामने नहीं रखी गई।

जिला प्रशासन से शिकायत की तैयारी

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि वे अपनी मांगों और सोसायटी की व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराएंगे। उनका कहना है कि सोसायटी के वित्तीय मामलों, सुरक्षा एवं मेंटेनेंस एजेंसी बदलने तथा अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में निवासियों को विश्वास में लिया जाना चाहिए।

 

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

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