फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल का असर त्योहारी सीजन में बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। करवाचौथ और दिवाली से पहले खरीदारी के लिए सजने वाले फरीदाबाद के प्रमुख बाजारों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कारोबारियों का दावा है कि बिजली संकट के कारण शहर के छोटे-बड़े बाजारों में करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।

रात 11 बजे तक गुलजार रहने वाली बल्लभगढ़ की मुख्य मार्केट, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-15ए और एनआईटी की मिनी सरोजिनी मार्केट में बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे अंधेरा छा गया। बिजली की कमी के कारण कई दुकानदारों को दुकानें बंद करनी पड़ीं। शुक्रवार को भी बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही सामान्य से कम रहने की बात व्यापारियों ने कही।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से मिठाई विक्रेताओं और शीतल पेय पदार्थों का कारोबार करने वाले दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। त्योहारों को देखते हुए हलवाइयों ने पहले से ही बड़ी मात्रा में मिठाइयां तैयार कर रखी हैं। ऐसे में बिजली न मिलने और पर्याप्त बैकअप व्यवस्था नहीं होने से मिठाइयों को सुरक्षित रखने की चिंता बढ़ गई है। दुकानों में लगे फ्रिज, पंखे और लाइटें भी बिजली के अभाव में काम नहीं कर पा रहे हैं।
जिन दुकानदारों को जरूरत पड़ने पर किराये पर जनरेटर सेट मिल जाते थे, उन्हें भी अब इन्हें उपलब्ध कराने में परेशानी होने की बात कही जा रही है। बिजली और रोशनी की कमी के कारण ग्राहकों के लिए दुकानों में रुककर खरीदारी करना भी मुश्किल हो रहा है। करवाचौथ और दिवाली से पहले व्यापारियों को बिक्री बढ़ने की उम्मीद थी। इसी को ध्यान में रखते हुए दुकानदारों ने सामान का स्टॉक बढ़ाया और अन्य तैयारियां की थीं।
लेकिन बिजली संकट के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं। एनआईटी-1 स्थित कपड़ा कारोबारी अमित भाटिया के अनुसार, त्योहारी सीजन में बाजारों को निर्बाध बिजली आपूर्ति की जरूरत होती है। इसी अवधि में होने वाली बिक्री से कारोबारियों को पूरे साल की कमाई में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद रहती है।
व्यापारियों के अनुसार, एनआईटी-1 बाजार में प्रतिदिन करीब डेढ़ करोड़ रुपये, बल्लभगढ़ में दो करोड़ रुपये से अधिक, ओल्ड फरीदाबाद में एक करोड़ रुपये से अधिक और सेक्टर-15ए में करीब पौने दो करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। बल्लभगढ़ के मुख्य बाजार में आसपास के 100 से अधिक गांवों के लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं।
उद्योग व्यापार मंडल, बल्लभगढ़ के प्रधान आरडी गुप्ता ने कहा कि त्योहारी सीजन व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बिजली कटौती के कारण दुकानों में अंधेरा छा जाता है और ग्राहक भी बाजारों में रुकने से बचते हैं। उनके अनुसार, बल्लभगढ़ में एक दिन में दो करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। उन्होंने करवाचौथ से पहले बाजारों में बिजली आपूर्ति सामान्य करने की मांग की।
व्यापारी एकता मंच, एनआईटी-1 के प्रधान कालू चौधरी ने बताया कि सामान्य दिनों में बाजार में सुबह से शाम तक ग्राहकों की भीड़ रहती है। छोटी-बड़ी सभी दुकानों पर खरीदारी होती है, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण बाजार में अपेक्षाकृत सन्नाटा रहा। गर्मी और असुविधा के कारण ग्राहक दुकानों में अधिक देर तक नहीं रुक रहे थे। उन्होंने बाजार में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित होने का दावा किया।
मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर-15ए के प्रधान आलोक कुमार लुनियाल के मुताबिक, बिजली संकट का असर शुक्रवार को भी दिखाई दिया और दुकानों में ग्राहकों की संख्या सामान्य से काफी कम रही। कई दुकानों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए। उन्होंने एक दिन में करीब पौने दो करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने की बात कही और बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई।
व्यापारियों का कहना है कि वे पूरे साल त्योहारी सीजन का इंतजार करते हैं और करवाचौथ तथा दिवाली के आसपास बाजारों में बिक्री बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे समय में बिजली आपूर्ति बाधित होने से कारोबार के साथ-साथ ग्राहकों को भी परेशानी हो रही है। व्यापारिक संगठनों ने संबंधित अधिकारियों से बाजारों में जल्द सामान्य बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
