जातिगत जनगणना को लेकर पिछड़ा वर्ग संयुक्त संघर्ष समिति ने डीसी को सौंपा मांगपत्र

फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। देश में प्रस्तावित जातिगत जनगणना को लेकर पिछड़ा वर्ग संयुक्त संघर्ष समिति, हरियाणा प्रदेश ने फरीदाबाद के जिला उपायुक्त को मांगपत्र सौंपकर जनगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और जातियों की सही एवं त्रुटिरहित गणना सुनिश्चित करने की मांग की। समिति ने कहा कि प्रत्येक समाज की वास्तविक संख्या और उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सटीक आंकड़ा सामने आने के बाद ही सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।

समिति ने मांगपत्र में जातियों और उपजातियों के आंकड़े सही तरीके से दर्ज करने के साथ-साथ पिछड़ेपन तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी एकत्र करने की मांग उठाई। समिति का कहना है कि वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान तकनीकी और अन्य त्रुटियों के कारण जातिगत आंकड़ों को लेकर कई समस्याएं सामने आई थीं। इसलिए आगामी जनगणना में ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पहले से ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए।

समिति ने सुझाव दिया कि जनगणना शुरू होने से पहले सभी जातियों, उपजातियों तथा उनके अलग-अलग प्रचलित नामों की प्रमाणिक सूची तैयार की जाए। गणना करने वाले कर्मचारियों को मोबाइल ऐप अथवा संबंधित दस्तावेजों के माध्यम से जातियों के सही नाम और कोड उपलब्ध कराए जाएं, ताकि नाम या स्पेलिंग में होने वाली गलतियों के कारण आंकड़े प्रभावित न हों।

मांगपत्र में केवल जातियों की संख्या दर्ज करने के बजाय परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का भी आकलन करने की मांग की गई है। समिति के अनुसार परिवार के पास जमीन, पक्का मकान, आय के साधन और परिवार के सदस्यों की संख्या जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को भी जनगणना के दौरान दर्ज किया जाना चाहिए। इसके साथ ही जनगणना फॉर्म में एससी/एसटी के साथ ओबीसी/एसईबीसी/बीसी के लिए भी स्पष्ट कॉलम शामिल करने की मांग की गई है।

समिति ने जनगणना की पूरी प्रक्रिया में ईमानदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। मांगपत्र में कहा गया कि आंकड़े एकत्र करने से लेकर उनके ऑडिट तक की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और संबंधित समुदायों को अपने डेटा की सुरक्षा को लेकर भरोसा होना चाहिए। इसके लिए एक स्वतंत्र टीम गठित कर समय-समय पर पूरी प्रक्रिया की जांच कराने का सुझाव दिया गया है।

समिति ने जातिगत जनगणना के आंकड़े जल्द जारी करने और गलतियों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की भी मांग की। समिति के अनुसार यदि किसी व्यक्ति, गांव या पूरे क्षेत्र की जातिगत गणना में कोई गलती सामने आती है तो ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिकायत केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए, जहां शिकायतों की सुनवाई के साथ आवश्यक सुधार की व्यवस्था हो।

मांगपत्र के माध्यम से समिति ने उम्मीद जताई कि सरकार पिछड़े और वंचित समुदायों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित जातिगत जनगणना कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। मांगपत्र पर समिति से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों के हस्ताक्षर भी किए गए।

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

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