तिरुवनंतपुरम,। केरल के कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जन्मी एक बच्ची के शरीर में करीब एक साल बाद सुई मिलने का मामला सामने आया है। मामले में केरल राज्य बाल अधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल गठित किया है।

क्या है परिवार का आरोप
बच्ची के माता-पिता अंजू और विनेश का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची के शरीर में सुई रह गई थी। परिवार के मुताबिक, बच्ची का जन्म 24 जून 2025 को कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुआ था। जन्म के अगले दिन बुखार और पीलिया के लक्षण सामने आने के बाद उसे एनआईसीयू में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान सुई बच्ची के शरीर में चली गई, लेकिन उस समय इसका पता नहीं चल सका। परिवार के अनुसार, जुलाई 2026 में कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जांच के दौरान बच्ची की दाहिनी पसलियों के पास सुई दिखाई दी। इसके बाद सर्जरी के जरिए उसे बाहर निकाला गया।
अब क्या हो रही है जांच
परिवार के आरोपों के बाद केरल बाल अधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की है। वहीं, कोट्टायम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। जांच पैनल यह पता लगाएगा कि बच्ची के शरीर में सुई कब और किन परिस्थितियों में पहुंची। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि क्या कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में बच्ची के इलाज के दौरान किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या विभाग को दोषी नहीं ठहराया गया है। परिवार के आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
न्यूज़ सोर्स: दैनिक जागरण
