- नेपाल में बाढ़ से 669 लोगों की मौत, 2400 लापता।
भारत ने पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ त्रासदी से मची तबाही के बाद मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ की वजह से मरने वाले लोगों की पहचान करने के लिए उनके डीएनए सैंपल की जांच के लिए फॉरेसिंक एक्सपर्ट टीमों और सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए एक स्पेशलाइज्ड टनल रेस्क्यू टीम को भी नेपाल रवाना किया गया है, जो जल्दी ही काठमांडू पहुंचने वाले हैं.
इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने नेपाल में बाढ़ की वजह से फंसे हुए और रेस्क्यू किए गए लोगों के बारे में भी ताजा अपडेट जारी किया है. मंत्रालय ने बताया कि नेपाल के रसुवा में हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट से चार भारतीय नागरिकों को शनिवार (29 अगस्त, 2026) को रेस्क्यू किया गया है और वे जल्द ही काठमांडू पहुंचने वाले हैं. जिन चार भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू किया गया है, उनके नाम- रिपु कुमार, चनेश्वर नरजरी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिन्हाज-उद्दीन है.
विदेश मंत्रालय ने क्या दी जानकारी?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार (29 अगस्त, 2026) को एक आधिकारिक बयान में नेपाल बाढ़ त्रासदी के बाद रेस्क्यू अभियान को लेकर ताजा अपडेट जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि भारत से छह फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीमों को मृतकों की पहचान और उनके डीएनए सैंपल की जांच के लिए भेजा गया है, जो आज शनिवार (29 अगस्त) को राजधानी काठमांडू पहुंचने वाले हैं.’
उन्होंने कहा, ‘इसके साथ ही, टनल में फंसे लोगों का रेस्क्यू करने के लिए एक स्पेशलाइज्ड टेक्निकल टीम को सर्वेक्षण के लिए शुक्रवार (28 अगस्त, 2026) को भेजा गया था, जिसने शनिवार (29 अगस्त) को प्रभावित इलाके में सुरंग में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया और उनकी सिफारिश पर एक स्पेशलाइज्ड टनल रेस्क्यू टीम जरूरी उपकरणों के साथ आज नेपाल पहुंचने वाली है.’
Update on Indian nationals and relief efforts in Nepal ⬇️ pic.twitter.com/9zNq2BXjIq
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 29, 2026
रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘आज शनिवार (29 अगस्त) को 120 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल की सीमा में पहुंचे हैं. इसके अलावा, अब तक कुल 88 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है, 287 भारतीय अभी तक लापता हैं, जबकि भारतीय मूल के 128 अन्य लोग भी लापता हैं.’
मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 669- नेपाल पुलिस
#WATCH | Kathmandu: On the flash floods in Nepal, Minister of Foreign Affairs of Nepal Shisir Khanal says, “Relief operations are focused on providing immediate and all necessary assistance, including emergency medical care, food, safe drinking water, temporary shelter and other… pic.twitter.com/VLd33rpwiC
— ANI (@ANI) August 29, 2026
नेपाल पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि तीन दिन पहले बुधवार (26 अगस्त) को अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 669 हो गई है. अब तक 626 मृतकों के शव बरामद कर लिए गए हैं, 2400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. इसके अलावा, नेपाल पुलिस ने यह भी कहा कि भारत से रेस्क्यू टीम नेपाल पहुंच चुकी है और जल्द ही चीन से भी रेस्क्यू टीम पहुंचने वाली है.
नेपाल सरकार पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ संपर्क में है- शिशिर
वहीं, न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा, ‘राहत अभियान का मुख्य उद्देश्य तुरंत और हर जरूरी मदद उपलब्ध कराना है. इसमें इमरजेंसी मेडिकल केयर, खाना, सुरक्षित पानी का पानी, अस्थायी शेल्टर और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं.’ उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार अपने करीबी पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क और समन्वय में है.’
यह भी पढ़ेंः PM मोदी दो दिन की यात्रा पर उज्बेकिस्तान पहुंचे, क्यों खास है ये दौरा
