नेपाल बाढ़: शशि थरूर ने की PM मोदी की तारीफ, बोले – ‘जिस तरह से…’


नेपाल त्रासदी में भारत ने जिस तरह से तत्परता दिखाई है, उसको लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को लेटर लिखते हुए मौजूदा केंद्र सरकार की तारीफ की है. उन्होंने एक्स पर इस पोस्ट को जारी करते हुए, विदेश मंत्री के सोशल मीडिया हैंडल को भी टैग किया है. शनिवार (30 अगस्त) को लिखे पत्र में कहा कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ पर भारत की प्रतिक्रिया तेज और असरदार रही है. पीएम मोदी ने काठमांडू से तुरंत संपर्क किया. राहत सामग्री, मेडिकल टीमें और टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट्स की मदद से राहत कार्यों में बड़ा योगदान दिया है. 

उन्होंने कहा कि त्रिशुली-1 में भारतीय मजदूरों को बचाना एक बड़ी कामयाबी थी. परिवारों ने यह सब देखा है. कई लोगों ने मुझसे कहा है कि मैं व्यक्तिगत रूप से आपका आभार व्यक्त करूं. मुझे ऐसा करने में खुशी हो रही है. इसके अलावा कांग्रेस ने रेस्क्यू में तेजी लाने के लिए कई सुझाव भी साझा किए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों लोग अभी भी फंसे हुए हैं. रेस्क्यू कार्य के लिए समय तेजी से कम हो रहा है. 

पूरी NDRF टीम, आर्मी टास्क फोर्स

इधर, उन्होंने रेस्क्यू कार्यों के लिए NDRF की पूरी टीम और उनके उपकरणों को तुरंत भेजने और तैनात करने की मांग की. उन्होंने पासांग ल्हामू हाइवे को फिर से खोलने के लिए अर्थ मूविंग इक्विपमेंट के साथ आर्मी इंजीनियर टास्क फोर्स को तैनात करने का भी सुझाव दिया. थरूर ने साथ ही सुदूर इलाकों तक पहुंचने के लिए भारतीय वायुसेना के भारी भरकम हेलीकॉप्टर तैनात करने और मलबे वाले इलाकों का नक्शा बनाने लिए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार, थर्मल इमेंजिंक, स्निफर डॉग स्क्वाड और खास सैटेलाइन टास्किंग का इस्तेमाल करने का सुझाव भी दिया है.

उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह से ही मुझे उन परिवारों से जानकारी मिल रही है, जिनके लोग लापता हैं. किसी ने भी मुझसे कोई शिकायत नहीं की. वे अपने बेटे, बेटी, पति या पत्नी के बारे में बात करने से पहले भारत की तरफ से की गई कोशिशों के लिए आभार व्यक्त कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने आग्रह किया कि रेस्क्यू ऑपरेशन और भारतीय की वापस कुशल वापसी के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाए. 

थरूर का नेपाल दौरा

दरअसल, हाल ही में घटना से कुछ वक्त पहले नेपाल दौरे पर थे. उन्होंने कहा था कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बारे में पूरी जानकारी है. जब वे वहां पहुंचे, तबतक 270 लोगों की मौत हो चुकी थी. उन्होंने कहा कि वहां पहुंचने पर पता चला कि जानमाल का नुकसान हुआ है. अनुमान है कि लगभग 2000 या उससे ज्यादा लोग लापता हैं. बाढ़ का तेज पानी कम से कम 19 ऐसे पुलों को नष्ट कर गया, जहां गाड़ियां चल सकती थीं. बेत्रावती, रुसुवागढ़ी हाईवे का लगभग 40 किमी हिस्सा बहा दिया. 8 पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है. 





Source link

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

Information with Confirmation

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top