कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से दलित विरोधी होने के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और गुरू प्रकाश पासवान ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास दलित विरोधी रहा है.
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा, कांग्रेस और राहुल गांधी का दलित विरोधी चेहरा है. ‘नामांकन दाखिल करते समय खरगे जी बाहर थे. क्या दलितों का स्थान अंदर नहीं है. नारायणस्वामी राहुल गांधी की चप्पल उठा रहे हैं. ये कैसी मानसिकता है. ये हमें बताने की जरूरत नहीं है.’
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को दलित समाज सिर्फ राजनीतिक रोटी सेकने के लिए याद आता है. राहुल गांधी पीसी करते हैं और देश तोड़ने वाली शक्ति के साथ खड़े होते हैं. खरगे जी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष तो बन जाते हैं, लेकिन उनको सीएम नहीं बनाया जाता है.’
प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की फोटो दिखाते हुए पासवान ने साधा निशाना
पासवान ने दो वीडियो को दिखाते हुए राहुल गांधी को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि वीडियो देखने के बाद आपको पता चल गया होगा, कि कैसे कांग्रेस पार्टी और उनके युवराज के एजेंडा का पर्दाफाश हुआ है. वो लगातार कैसे समाज टूटे, समाज टूटने वाली शक्तियों का साथ देते हैं, और झूठ को आधार बनाकर एक नैरेटिव बनाने का प्रयास करते हैं. आज उसी झूठ का पर्दाफाश करने हम आए हैं.
Joint press conference by Shri @IGuruPrakash and Dr. @SudhanshuTrived at BJP headquarters in New Delhi. https://t.co/2GrZWkB4wn
— BJP (@BJP4India) August 29, 2026
पासवान ने कहा कि राहुल गांधी ने बोला कि ये हुआ है, तब उन्होंने एफआईआर करवाया. राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का जो चेहरा है, वो दलित विरोधी चेहरा है.
इसके बाद उन्होंने एक तस्वीर दिखाई. इसमें उन्होंने कहा कि यह तस्वीर वायनाड के नामांकन भरने की तस्वीर है, इसमें कांग्रेस नेता के साथ उनका परिवार था, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन बाहर से झांक रहे हैं. तो क्या दलितों का स्थल अंदर नहीं है, दलितों का स्थान बाहर है? मैं राहुल गांधी जी से पूछना चाहता हूं कि उनके पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है.
इसके अलावा उन्होंने पुड्डुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण स्वामी की एक तस्वीर दिखाई. इसमें राहुल गांधी का वो चप्पल उठा रहे हैं. अगर नामांकन कमरे के अंदर मल्लिकार्जुन खड़गे बाहर खड़े रहेंगे, और पूर्व मुख्यमंत्री चप्पल उठाएंगे, तो कांग्रेस पार्टी की कैसी मानसकिता है, इसकी बताने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा उन्होंने हरियाणा की नेता कुमारी शैलजा के सम्मान पर सवाल उठाए.
इसके अलावा उन्होंने तमाम मुद्दे उठाते हुए राहुल गांधी को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा बाबू जगजीवन राम, भीम राव अंबेडकर से लेकर कई नेताओं के साथ क्या किया है, इसके बारे में बताने की जरूरत नहीं है. उन्होंने राहुल गांधी पर दलितों के नाम पर राजनीतिक रोटी सेंकने का आरोप लगाया.
सुधांशु त्रिवेदी ने भी राहुल को दलित के मुद्दे पर लिया आड़े हाथों
बीजेपी से सुधांशु त्रिवेदी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अनेक प्रकार स्वांग और प्रपंच रचकर भी राहुल गांधी के जो स्पीच लिखने वाले हैं, वो अपनी सृजनात्मकता खोते चले जा रहे हैं. 2014 में बाबा ब्रीगेड नाम से एक युवा का चेहरा, और 2019 में भारत के इतिहास में पहली बार, कुर्ते के ऊपर जनैऊ पहनकर अपना गौत्र बताने वाले, और वहां से 2024 में पक्की दाढ़ी बढ़ाकर, दिमागी नक्सल के रूप में एक कॉमरेड के रूप में सामने आने वाले, ये नाना प्रकार के स्वरूप भी, उस सच को नहीं छुपा सकते, जिसका उल्लेख अभी प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया.
सुधांशु ने कहा, ‘यह बात सच है, उन दो वीडियो से, इसमें जाति का कोई एंगल नहीं था. वो अपनी घीसी पीटी लाने पर भारत में नए उपद्रव पैदा करने के उपाय खोजने में व्यस्त रहते हैं. और मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं, कि आपको यदि वास्तिवकता में दलित समाज के प्रति इतनी पीड़ा है, तो 18 जुलाई 2019 को भिवाड़ी में हरीश जाटव के ऊपर कातिलाना हमला हुआ, और 15 अगस्त 2019 को आत्महत्या कर ली थी, किसकी सरकार थी, कांग्रेस की सरकार थी. 15 अगस्त 2021 को अलवर में, योगेश जाटव पर भीड़ ने हमला किया, और 18 सितंबर को उसकी मृत्यु हो गई. आपने इन केसों पर कार्रवाई नहीं कि क्योंकि जिस भीड़ ने हमला किया, वो पक्का वाला वोट बैंक था. तो एक तराजू पर तौला जाता है, कि दलित की जान की कीमत और वो पक्के वाले वोट बैंक की कीमत, तब वो पक्का वाला वोट बैंक दिखता है, तो वो दलित का मान, सम्मान और जान तीनों हल्का लगने लगता है. इसके अलावा उन्होंने तमाम मुद्दे उठाते हुए राहुल गांधी पर अल्पसंख्यक और दलित राजनीति करने का आरोप लगाया है.’
झूठ और नफरत की राहुल गांधी की दुकान का पर्दाफाश: अनिल बलूनी
BJP प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा है कि झूठ और नफरत की राहुल गांधी की दुकान का पर्दाफाश! राहुल गांधी और कितना नीचे गिरेंगे? जिस स्वच्छता कार्यक्रम में जाति का कोई लेना–देना ही नहीं था, उसको भी जाति का एंगल दे देना और राजनीति करना – ये नेता प्रतिपक्ष को शोभा नहीं देता. जो इस पूजा–पाठ और साफ सफाई के कार्यक्रम में थे, वे भी दलित समाज से ही थे, राहुल गांधी जी. साथ ही, भाजपा से इनका कोई संबंध भी नहीं है. कमाल है, राहुल गांधी जी, फिर भी आपको ये झूठा और मनगढ़ंत आरोप लगाते शर्म नहीं आती. देश का बंटवारा करने के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी समाज का बंटवारा करवाने में लग गए हैं. इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने दलितों के साथ हमेशा अन्याय किया है. बाबा साहब का अपमान करने वाले, अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम केसरी को बदनाम करने वाले, दलितों से अपने चप्पल उठवाने वाले और अपने वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष को कमरे से बाहर रखने वाले लोग जब दलित राजनीति पर ज्ञान देने लगते हैं तो यह बहुत ही हास्यास्पद लगता है. राहुल गांधी जी, पहले आप अपने गिरेबां में झांकें!
