फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। नेशनल लेवल की 17 साल की शूटर के यौन शोषण के आरोपी कोच की बेल एप्लीकेशन को सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है। इससे पहले शूटिंग के नेशनल कोच अंकुश भारद्वाज की जमानत याचिका निचली अदालत और पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से भी ख़ारिज हो चुकी है। शूटिंग के राष्टीय कोच अंकुश भारद्वाज पर 17 साल की राष्ट्रीय स्तर की शूटर से यौन शोषण का आरोप है।

आरोपी अंकुश भारद्वाज ने इससे पहले 17 मार्च को हाई कोर्ट अग्रिम जमानत की उसकी याचिका दाखिल की थी। दिसम्बर 2025 की इस घटना के बाद इतना समय बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ़्तारी न होना और जमानत के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक सवालिया निशान है। पुलिस पर अब आरोपी अंकुश भारद्वाज को जमानत लेने का समय देने का आरोप लग रहा है।
गौतरलब है की मुकदमा दर्ज होने के दो महीने से अधिक समय बाद भी पुलिस आरोपी कोच को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, और आरोपी बेख़ौफ़ बाहर अपनी जमानत के लिए प्रयास कर रहा है। कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स-2008 और इंटरनेशनल शूटिंग चैंपियनशिप 2016 जो की हेनोवर में आयोजित की गई थी उनमे स्वर्ण पदक विजेता अंकुश भारद्वाज पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने एक युवा शूटर को होटल ले जाकर उसका यौन शोषण किया।
पीड़ित खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर की कई निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं। पीड़ित शूटर ने पिछले साल कोच अंकुश भारद्वाज के अंडर ट्रेनिंग शुरू की थी। 16 दिसंबर 2025 को एक युवा शूटर डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंची थी। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद जब वह अपने घर लौटने की तैयारी कर रही थी, तभी आरोपी कोच ने उसे फोन कर सूरजकुंड स्थित एक होटल में मिलने के लिए बुलाया।
आरोप है कि होटल के कमरे में पहुंचने पर जब वह कुर्सी पर बैठी थी, तभी कोच ने उसके साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। शूटर द्वारा विरोध जताने के बावजूद कोच नहीं रुका और उसके साथ यौन शोषण किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर उसका करियर खत्म करने की धमकी भी दी। घटना के बाद पीड़ित शूटर ने 6 जनवरी को महिला थाना एनआईटी में आरोपी कोच के खिलाफ मामला दर्ज कराया।