IIT दिल्ली के एक छात्र की आत्महत्या पर हो रहे विरोध प्रदर्शन लगातार चौथे दिन में प्रवेश कर गया है. शनिवार (22 अगस्त) को M.Sc फिजिक्स के छात्र 31 वर्षीय ऋषिकेश कुमार ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. ऋषिकेश की आत्महत्या के मामले के बाद से छात्रों में गुस्सा है और वो संस्थान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
वहीं, छात्र के परिवार ने भी संस्थान पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि संस्थान के अधिकारियों को छात्र की आत्महत्या की प्रवृत्ति के बारे में सूचित किया गया था. इसके बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और उसकी कोई मदद नहीं की.
हिजाब पर HC की टिप्पणी पर मौलाना इसहाक गोरा की प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा?
स्पेशल सेल की मांग
वहीं, विरोध कर रहे छात्रों की मांग है कि आत्महत्या के मामले भी सामने आये हैं. पहले भी कई छात्र मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर चुके हैं और अब ऐसे छात्रों के लिए एक स्पेशल सेल बनाया जाए, जहां वो अपनी कह सकें. इसके अलावा ये भी जानकारी सामने आ रही है कि कुछ छात्र स्टूडेंट वेलफेयर की एसोसिएट डीन प्रोफेसर श्रीदेवी उपाध्यायुल इस्तीफे कील मांग कर रहे हैं, लेकिन इस मांग को IIT-दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी ने खारिज कर दिया है. इससे छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया है.
#WATCH | Delhi: On the death of 31-year-old IIT Delhi student Rishikesh Kumar, 2nd-year https://t.co/79eMH79UAI student of IIT Delhi Saksham says, “Our role is simply to raise the issue and make people aware that this problem exists. Ultimately, it is beneficial for experienced… pic.twitter.com/QR8LFXyMYG
— ANI (@ANI) August 26, 2026
छात्रों की मांग सिस्टम को बदलें
वहीं, इस मामले पर दूसरे वर्ष के B.Tech छात्र सक्षम ने मीडिया से बातचीत में कहा, “ऋषिकेश और मैं यहां पूर्वांचल समुदाय का हिस्सा थे, जो कैंपस में सरस्वती पूजा आयोजित करता है. इसके जरिए ही मैं उनके संपर्क में आया था. इसके बाद भी एक बार उन्होंने मेरी मदद की. मेरा कनेक्शन इतना गहरा नहीं था इसलिए नहीं जानता उनके निजी जीवन में क्या चल रहा है. बदलाव सिस्टम में लाने की है.” बता दें कि पिछले 2 सालों में IIT दिल्ली में 8 छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आये हैं.
सक्षम ने आत्महत्या के मामलों पर प्रकाश डालते हुए आगे कहा, “ये केवल ऋषिकेश की नहीं है, इससे पहले भी की छात्रों ने आत्महत्याएं की हैं. यह एक ऐसा सिस्टम बनाने के बारे में है, जो स्थायी समाधान दे सके, जिससे इन आत्महत्याओं को रोका जा सके. IIT के अंदर जो कुछ भी गलत हो रहा है, उसे रोकने के लिए सिस्टम को बदलने की हमारी मांग है. हम ठोस समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि छात्रों को इस तरह के मानसिक दबाव से न गुजरना पड़े.” सक्षम ने बताया कि कैसे यहां बच्चों पर तनाव बनाने के पीछे अलग-अलग फैक्टर जिम्मेदार हैं.
‘मानसिक तनाव पर हो बात’
सक्षम ने आगे कहा, “हमारी भूमिका बस मुद्दे को उठाना और लोगों को यह बताना है कि यह समस्या मौजूद है. ऐसे मामलों में अनुभवी पेशेवरों द्वारा सही कार्रवाई करना फायदेमंद होता है. हम केवल छात्र हैं जो अपनी आवाज उठाने की कोशिश कर रहे हैं. हम राजनेता या नीति-निर्माता नहीं हैं जो मैनेजमेंट या शीर्ष अधिकारियों को बता सकें कि क्या करना है. हमारी केवल मांग है कि एक अलग से सेल बनाई जाए, जिसमें छात्रों के मानसिक तनाव को लेकर बात हो.”.
दूसरे कॉलेज और राजनीतिक दखल का आरोप
उन्होंने आगे कहा,”कोई भी छात्र अगर मानसिक तनाव से गुजर रहा है तो वो वहां जाकर बात कर सकता है. अगर उसे कोई नहीं सुन रहा तो वो सेल उसे सुनेगा. जब तक वो समाधान नहीं देंगे हम विरोध करते रहें. हम इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे, हमारी मांग केवल सही समाधान है, लेकिन दूसरे कॉलेज और राजनीतिक दखल इस मामले को भटकाने की कोशिशें कर रहे हैं.”
इसके आलावा मुआवजे को लेकर छात्र ने बताया कि प्रशासन ने कोई लिखित नहीं दिया है कि वो देंगे, लेकिन हमारे पूर्वांचल समुदाय के छात्रों ने तय किया है कि हम फंड जुटायेंगे और मृतक छात्र की माता जी को देंगे.
