नई दिल्ली। देश के बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक के बीच ऑटोमैटिक कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। रोजाना कई घंटे ट्रैफिक में बिताने वाले ड्राइवरों के लिए बार-बार क्लच दबाने और गियर बदलने की झंझट से राहत एक बड़ा फायदा है। यही वजह है कि अब बजट सेगमेंट में भी ऑटोमैटिक कारों को ग्राहक तेजी से पसंद कर रहे हैं।

अगर आपका बजट सीमित है और आप ऐसी ऑटोमैटिक कार चाहते हैं जो शहर की ड्राइविंग के साथ-साथ माइलेज और व्यावहारिकता का भी ध्यान रखे, तो बाजार में कई विकल्प मौजूद हैं। इनमें Maruti Suzuki Dzire, Swift, नई Tata Aeris, Tata Punch और Hyundai Exter जैसे मॉडल शामिल हैं।
बजट ऑटोमैटिक कारों की बात करें तो Maruti Suzuki Dzire AGS एक प्रमुख विकल्प है। इसमें कंपनी का AGS यानी AMT ट्रांसमिशन मिलता है, जो खासतौर पर शहर के ट्रैफिक में ड्राइविंग को आसान बनाता है। Dzire की खासियत इसका किफायती संचालन, अच्छी फ्यूल एफिशिएंसी और हल्का ड्राइविंग अनुभव है। इसका इंजन शहर में रोजमर्रा की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त प्रदर्शन देता है।
सेडान होने के कारण इसमें यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह के साथ अच्छा बूट स्पेस भी मिलता है। ऐसे परिवार जो कम रनिंग कॉस्ट के साथ ऑटोमैटिक कार चाहते हैं, उनके लिए Dzire एक व्यावहारिक विकल्प बनती है।

हैचबैक पसंद करने वालों के लिए Maruti Suzuki Swift AGS एक आकर्षक विकल्प है। इसमें भी AGS ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया गया है, जिससे ट्रैफिक में बार-बार क्लच और गियर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। Swift में मिलने वाला Z-Series पेट्रोल इंजन तीन-सिलेंडर यूनिट है, लेकिन इसका रिफाइनमेंट और शहर में लो-स्पीड ड्राइविंग अनुभव इसे उपयोगी बनाता है। इसका कॉम्पैक्ट आकार पार्किंग और भीड़भाड़ वाली सड़कों पर भी फायदा देता है।
Swift का मुख्य फोकस हल्की ड्राइविंग, अच्छी एफिशिएंसी और शहरी उपयोग पर है।

Tata Aeris इस सूची में सबसे नया नाम है। हाल ही में लॉन्च हुई यह कार बजट ऑटोमैटिक सेगमेंट में ग्राहकों के लिए एक नया विकल्प लेकर आई है। नई Aeris का डिजाइन इसे पुराने पारंपरिक कॉम्पैक्ट कारों की तुलना में ज्यादा आधुनिक और प्रीमियम अपील देता है। कॉम्पैक्ट आकार के बावजूद इसमें रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिकता पर जोर दिया गया है।
ऑटोमैटिक वेरिएंट उन ग्राहकों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकता है जो पहली बार ऑटोमैटिक कार खरीदने की योजना बना रहे हैं और ज्यादा कीमत चुकाए बिना नई कार में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन चाहते हैं। नई लॉन्च होने के कारण Aeris इस सेगमेंट में ग्राहकों के बीच खास आकर्षण पैदा कर सकती है।

अगर आपकी पसंद छोटी SUV है, तो Tata Punch AMT पर नजर डाल सकते हैं। Punch अपने SUV जैसे डिजाइन, ऊंचे ग्राउंड क्लीयरेंस और मजबूत रोड प्रेजेंस के कारण इस सेगमेंट में अलग पहचान रखती है। खराब सड़कों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर इसका सस्पेंशन सेटअप उपयोगी साबित होता है। वहीं AMT ट्रांसमिशन शहर के ट्रैफिक में ड्राइविंग को आसान बनाता है।
Punch उन ग्राहकों के लिए खास तौर पर आकर्षक है जो छोटी कार के आकार में SUV जैसा डिजाइन और ऊंची ड्राइविंग पोजीशन चाहते हैं।

Hyundai Exter कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में एक और महत्वपूर्ण ऑटोमैटिक विकल्प है। इसका सबसे बड़ा आकर्षण इसका फीचर-लोडेड केबिन, आधुनिक डिजाइन और अच्छी इंटीरियर क्वालिटी है। Exter का AMT शहर में रोजाना इस्तेमाल के लिए सुविधाजनक है। कॉम्पैक्ट डायमेंशन के कारण इसे ट्रैफिक और तंग पार्किंग वाली जगहों में चलाना अपेक्षाकृत आसान रहता है।
SUV जैसा डिजाइन और ऊंची सीटिंग पोजीशन इसे उन ग्राहकों के लिए आकर्षक बनाती है जो छोटी कार में भी SUV का अनुभव चाहते हैं।
ऑटोमैटिक कार खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
ऑटोमैटिक कार खरीदते समय सिर्फ एक्स-शोरूम कीमत और माइलेज देखना पर्याप्त नहीं है। खासतौर पर AMT कार खरीदने वालों को टेस्ट ड्राइव जरूर लेनी चाहिए। AMT ट्रांसमिशन सामान्य शहर की ड्राइविंग में सुविधाजनक होता है, लेकिन तेज एक्सीलरेशन के दौरान गियर शिफ्ट का अनुभव दूसरे ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से अलग हो सकता है। इसलिए ट्रैफिक, चढ़ाई और हाईवे—तीनों परिस्थितियों में कार चलाकर देखना बेहतर रहेगा।
इसके अलावा सर्विस कॉस्ट, इंश्योरेंस, वास्तविक माइलेज, बूट स्पेस, सेफ्टी फीचर्स और वारंटी को भी खरीद के फैसले में शामिल करना चाहिए।
बजट में ऑटोमैटिक कार खरीदने वालों के लिए अब विकल्प पहले से काफी बढ़ चुके हैं। Maruti Dzire और Swift किफायती और रोजमर्रा के इस्तेमाल पर जोर देती हैं, जबकि Tata Punch और Hyundai Exter SUV स्टाइल और ऊंची ग्राउंड क्लीयरेंस का विकल्प देती हैं। वहीं नई नवेली Tata Aeris इस सेगमेंट में एक नया विकल्प लेकर आई है, जो ऑटोमैटिक कार खरीदने वाले ग्राहकों का ध्यान आकर्षित कर सकती है।
अंतिम फैसला लेने से पहले अपनी ड्राइविंग जरूरत, बजट और ट्रांसमिशन के अनुभव को ध्यान में रखते हुए सभी कारों की टेस्ट ड्राइव लेना सबसे बेहतर तरीका रहेगा।
