फरीदाबाद, (राज कुमार)। भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द आम समस्या बनती जा रही है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर सिरदर्द रोज हो और बढ़ता जाए, तो इसे हल्के में न लें, क्योंकि यह माइग्रेन का संकेत हो सकता है। समय रहते डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। यह बात सेक्टर-16 स्थित एशिया मेरिंगो अस्पताल की न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट डायरेक्टर डॉ. सुषमा शर्मा ने मरीजों को संबोधित करते हुए कही।

डॉ. सुषमा शर्मा ने बताया कि माइग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है, जिसमें तेज दर्द के बार-बार अटैक आते हैं। आम धारणा है कि माइग्रेन सिर्फ सिर के आधे हिस्से में होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। यह सिर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। अस्पताल में आने वाले हर 10 में से दो महिलाएं और 15 में से एक पुरुष माइग्रेन से प्रभावित पाए जाते हैं। इसके प्रमुख कारणों में तनाव, अनियमित दिनचर्या, बाहर का खानपान, देर रात तक जागना, धूम्रपान, शराब और जंक फूड शामिल हैं।
माइग्रेन में दर्द कई घंटों से लेकर कई दिनों तक बना रह सकता है। माइग्रेन के लक्षण: तेज सिरदर्द, जी मिचलाना, उल्टी आना, कानों में बजना, सुनने में परेशानी, बचाव के उपाय, बाहर का भोजन कम करें, घर का ताजा भोजन लें, पूरी नींद लें, नियमित व्यायाम करें जंक फूड से परहेज करें।