फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। जिले में निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा निदेशालय के आदेशों की अनदेखी का मामला सामने आया है। नए शैक्षणिक सत्र से पहले फीस बढ़ाने के लिए अनिवार्य फार्म-6 भरना जरूरी होता है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में स्कूलों ने इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है। जिले के कुल 1372 निजी स्कूलों में से केवल 538 स्कूलों ने ही फार्म-6 भरा है, जबकि 834 स्कूल अब तक यह फार्म भरने में पीछे हैं।

इनमें प्राथमिक, मिडिल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर के स्कूल शामिल हैं, जिससे स्पष्ट है कि नियमों की अनदेखी व्यापक स्तर पर हो रही है। नियमों के अनुसार किसी भी निजी स्कूल को फीस में बढ़ोतरी करने से पहले फार्म-6 के माध्यम से अपनी प्रस्तावित वृद्धि का पूरा विवरण शिक्षा विभाग को देना होता है। इसके बाद ही विभाग की अनुमति से फीस बढ़ाई जा सकती है।
यदि कोई स्कूल बिना फार्म-6 भरे फीस बढ़ाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन इसके बावजूद स्कूलों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 31 मार्च तक फार्म-6 भरने की अंतिम तिथि तय की गई है और जो स्कूल इस समय सीमा तक फार्म नहीं भरेंगे, उनका एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया जाएगा।
ऐसे में स्कूलों की ऑनलाइन सेवाएं जैसे दाखिला प्रक्रिया और स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट जारी करना प्रभावित हो सकता है, जिससे उन्हें प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वहीं, निजी स्कूलों की इस मनमानी का सीधा असर अभिभावकों पर पड़ रहा है। कई स्कूल बिना पारदर्शिता के फीस बढ़ा देते हैं, जिससे अभिभावकों को मजबूरी में अधिक शुल्क देना पड़ता है।
फार्म-6 की व्यवस्था इसी पारदर्शिता को सुनिश्चित करने और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए लागू की गई है, लेकिन इसकी अनदेखी चिंता का विषय बनी हुई है। हरियाणा अभिभावक एकता मंच के महासचिव कैलाश शर्मा ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण ही निजी स्कूलों की मनमानी बढ़ रही है और इसका खामियाजा अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर इस पर रोक लगाने की मांग की है। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अंशु सिंगला ने कहा कि फार्म-6 भरना सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए अनिवार्य है और इस संबंध में पहले ही सभी स्कूलों को सूचित किया जा चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो स्कूल निर्धारित समय सीमा तक फार्म नहीं भरेंगे, उनका एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया जाएगा, जिसके बाद वे दाखिला प्रक्रिया और अन्य जरूरी कार्य भी नहीं कर पाएंगे।