दिल्ली में लक्ष्मी योजना को लेकर एक बार फिर से सियासी टकराव तेज हो गया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं से किए गए वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि 17.50 लाख महिलाओं को 2500 रुपये देने की बात के बावजूद अब तक बहुत कम संख्या में लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा हो पाया है.
देवेंद्र यादव ने कहा कि 26 अगस्त को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उपराज्यपाल की मौजूदगी में 2500 महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता के लिए स्वीकृति पत्र दिए. कांग्रेस का आरोप है कि इससे योजना के तहत राशि मिलने की तारीख आगे खिसक गई और रक्षाबंधन के अवसर पर दिल्ली की बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक सहायता का इंतजार करती रह गईं.
यादव ने दावा किया कि योजना के तहत 17.50 लाख महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन 26 अगस्त तक केवल 6.65 लाख महिलाओं का ही पूर्ण पंजीकरण हो सका है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इसे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला आंकड़ा बताया.
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डेढ़ साल बाद भी महिलाओं को इंतजार
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार की ओर से तय समयसीमा के अनुसार महिलाओं के खातों में 2500 रुपये पहुंचने चाहिए थे. उनका आरोप है कि अब सरकार करीब 5000 महिलाओं के खातों में राशि भेजने की बात कर रही है. यादव ने इसे दिल्ली की महिलाओं के साथ किए गए वादे से पीछे हटने के तौर पर पेश किया. उन्होंने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि घरेलू बजट पर लगातार दबाव बढ़ रहा है.
चीनी, प्याज, खाद्य तेल, सब्जियों और फलों जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमतों ने गरीब, निम्न आय और मध्यम वर्ग के परिवारों की मुश्किलें बढ़ाई हैं. ऐसे में कांग्रेस का कहना है कि सरकार को सहायता राशि बढ़ाने पर विचार करना चाहिए.
71 लाख महिला मतदाताओं का हवाला देकर BJP पर निशाना
देवेंद्र यादव ने जनवरी 2025 में प्रकाशित दिल्ली की मतदाता सूची का हवाला देते हुए कहा कि राजधानी में करीब 71 लाख महिला मतदाता थीं. उन्होंने कहा कि 8 मार्च 2025 को महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को 2500 रुपये देने का किया गया वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि जब दिल्ली में महिलाओं की संख्या इतनी बड़ी है, तो लक्ष्मी योजना के लिए केवल 17.50 लाख महिलाओं का लक्ष्य क्यों तय किया गया. उनके मुताबिक यह व्यवस्था दिल्ली की आधी आबादी के साथ भेदभाव जैसी स्थिति पैदा करती है.
कांग्रेस ने लाडली योजना से लेकर AAP के वादे तक गिनाए
यादव ने कांग्रेस के शासनकाल की लाडली योजना का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए योजना लागू की थी. उन्होंने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके 10 साल के शासन में लाडली योजना कमजोर हुई और महिलाओं को 1000 रुपये देने का वादा भी पूरा नहीं किया गया.
उन्होंने दावा किया कि अब भाजपा सरकार भी महिलाओं को 2500 रुपये देने के नाम पर लंबे समय से इंतजार करा रही है. यादव ने कहा कि दिल्ली की महिलाएं आने वाले समय में सरकार की नीतियों का जवाब देंगी.
2.50 लाख रुपये की आय सीमा पर भी कांग्रेस की आपत्ति
लक्ष्मी योजना में 2.50 लाख रुपये सालाना पारिवारिक आय की शर्त को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाया है. देवेंद्र यादव का आरोप है कि इस आय सीमा के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं योजना के लाभ से बाहर हो सकती हैं. उन्होंने दावा किया कि योजना का लाभ मुख्य रूप से अकुशल श्रमिक परिवारों तक सीमित रह जाता है, जबकि कुशल श्रमिक परिवारों की निर्धारित मासिक आय के कारण वे 2.50 लाख रुपये की वार्षिक सीमा से बाहर हो जाते हैं. कांग्रेस ने सरकार से योजना के पात्रता मानदंड पर पुनर्विचार करने की मांग की है.
केंद्र की योजनाओं को लेकर भी साधा निशाना
देवेंद्र यादव ने भाजपा सरकार की कई योजनाओं और अभियानों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने स्वच्छता अभियान, घरों तक शौचालय, उज्ज्वला योजना, सुकन्या योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के साथ लक्ष्मी योजना को भी अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं देने वाला बताया.
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