दिल्ली में बीते 24 घंटे में एच1एन1 के 166 मामलों की पुष्टि हुई जिसके बाद स्वाइन फ्लू के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2612 पहुंच गई है. सरकार के आंकड़ों से यह जानकारी मिली. आंकड़ों के अनुसार, इन्फ्लुएंजा-ए के मामलों की कुल संख्या भी बढ़कर 3,300 हो गई है जो बुधवार (26 अगस्त) को 3,177 थी. राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को एन1एच1 के 138 मामले सामने आए थे.
अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने गुरूवार (27 अगस्त) को इंदिरा गांधी अस्पताल का दौरा किया और एच1एन1 और मौसमी इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की.
मंत्री ने अस्पताल की फ्लू मैनेजमेंट व्यवस्था का लिया जायजा
अस्पताल ने स्वाइन फ्लू के लिए एक विशेष क्लिनिक भी बनाया है, जहां पर संदिग्ध मरीज़ों की सबसे पहले जांच की जाएगी और मेडिकल जांच से एच1एन1 का पता लगाया जाएगा. जिन मरीज़ों में संक्रमण पाया जाएगा उन्हें आगे के इलाज और देखभाल के लिए विशेष वार्ड में भेज दिया जाएगा. अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल की फ्लू प्रबंधन व्यवस्था का जायजा लिया, जिसमें सेपरेट बिस्तर, इमरजेंसी सर्विस, जांच संबंधी बुनियादी ढांचे, दवाओं की उपलब्धता और कर्मचारियों की तैनाती शामिल थी.
किसी भी व्यक्ति को घबराने की जरूरत नहीं-पंकज कुमार
मंत्री ने कहा, “मैं दिल्ली की जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि किसी भी व्यक्ति को घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. दिल्ली सरकार और हमारा स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार हैं. हमारे डॉक्टर, नर्स, लैब तकनीशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मी पूरी तरह से सतर्क हैं और पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं.”
एच1एन1 मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड
सिंह ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और नियमित रूप से अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं. मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और चिकित्सा निदेशकों व मेडिकल सुपरिटेंडेंट को पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्री ने कहा कि अस्पताल में एच1एन1 मरीज़ों के लिए एक विशेष पृथक वार्ड बनाया गया है.
उन्होंने कहा, “इस बीमारी के लक्षण ज़्यादातर आम मौसमी फ़्लू या बुख़ार जैसे ही हैं और मरीज इलाज के बाद ठीक होकर अपने घर लौट रहे हैं. वर्तमान में जो मरीज़ फिलहाल अस्पतालों में भर्ती हैं, उनका डॉक्टर उचित उपचार कर रहे हैं.” दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे जरूरी तैयारी बनाए रखें और मामलों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी होने पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें.
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