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भारत के विभिन्न राज्यों में Holi की रंगीन परंपराएं और मनाने के तरीके

फरीदाबाद, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। भारत के कई त्यौहार ऐसे हैं जो की करीब करीब पुरे देश में मनाये जाते हैं उनमे से एक है Holi, भारत का एक रंगीन और हर्षोल्लास से भरा त्योहार, विभिन्न प्रांतों में अपनी अनूठी परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार न केवल रंगों और आनंद का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता को भी दर्शाता है। आये जानते हैं भारत के अलग अलग हिस्सों में इसको कैसे मनाते हैं।

उत्तर भारत में होली
उत्तर भारत में होली का महत्व विशेष रूप से देखा जाता है। उत्तर प्रदेश के वृंदावन और मथुरा में होली का उत्सव विश्वप्रसिद्ध है। यहाँ लठमार होली मनाई जाती है, जिसमें महिलाएं पुरुषों पर लाठियां बरसाती हैं और पुरुष बचाव का प्रयास करते हैं। यह परंपरा राधा-कृष्ण के प्रेम की याद दिलाती है। वाराणसी और कानपुर में होली गानों और फूलों के रंगों के साथ धार्मिक रूप से मनाई जाती है।

राजस्थान की होली
राजस्थान में होली का रूप शाही और रंगीन होता है। जयपुर में हाथियों की सवारी और उनके साथ परेड का आयोजन होता है। उदयपुर में महाराणा की परंपरा के अनुसार होलिका दहन किया जाता है। यहाँ के लोक नृत्य और गीत इस त्योहार को और भी जीवंत बना देते हैं।

गुजरात और महाराष्ट्र की होली
गुजरात में होली गरबा और डांडिया नृत्य के साथ मनाई जाती है। यहाँ रंग खेलने के साथ-साथ पूजा-पाठ और होलिका दहन को प्रमुखता दी जाती है। महाराष्ट्र में होली ‘रंगपंचमी’ के नाम से जानी जाती है। यहाँ लोग पानी और गुलाल का उपयोग करके होली खेलते हैं। वसंत ऋतु का स्वागत करने के लिए यह त्योहार उत्साह के साथ मनाया जाता है।

पश्चिम बंगाल की होली
पश्चिम बंगाल में होली ‘डोल पूर्णिमा’ के रूप में मनाई जाती है। यहाँ लोग भगवान कृष्ण और राधा की मूर्तियों की पूजा करते हैं और उन्हें फूलों और रंगों से सजाते हैं। शांतिनिकेतन में रवींद्रनाथ टैगोर की परंपरा के अनुसार होली ‘बसंत उत्सव’ के रूप में मनाई जाती है। यहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है और पारंपरिक गीत-नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं।

दक्षिण भारत में होली
दक्षिण भारत में होली का महत्व थोड़ा धार्मिक होता है। यहाँ भगवान शिव और कामदेव से संबंधित कथाओं को याद किया जाता है। तमिलनाडु में होली ‘कामन पंडिगई’ के रूप में मनाई जाती है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में होली के अवसर पर भव्य शोभायात्राएं निकाली जाती हैं।

पूर्वोत्तर भारत की होली
पूर्वोत्तर भारत में होली का रंगारंग और सामुदायिक उत्सव देखा जाता है। मणिपुर में होली ‘याओसांग’ के नाम से प्रसिद्ध है, जो सात दिनों तक चलता है। यहाँ थबल चोंगबा नृत्य और संगीत का विशेष महत्व है। असम में रंगों के साथ-साथ भोगाली बिहू जैसा उत्साह देखने को मिलता है।

होली की यह विविधता इस बात का प्रमाण है कि भारत न केवल भौगोलिक रूप से, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी कितनी समृद्ध और विविधतापूर्ण है। हर प्रांत की अनूठी परंपराएं इस त्योहार को और भी खास बनाती हैं। यही वजह है कि होली न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अनूठी पहचान रखती है। रंगों का यह त्योहार हमें प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश देता है।

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

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