भारत की फाइनेंस रिच लिस्ट जारी, उदय कोटक नंबर 1, टॉप 10 में कौन-कौन शामिल?


भारत का फाइनेंस सेक्टर अब केवल बैंक, ब्रोकरेज और फिनटेक कंपनियों तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि इस क्षेत्र ने कई लोगों के लिए बड़ी संपत्ति बनाने का रास्ता भी खोला है. हाल ही में भारत के टॉप 10 अरबपतियों की लिस्ट सामने आई है, जिसे देख आप भी हैरान रह जाने वाले हैं.

ये Bloomberg की पहली इंडिया फाइनेंस रिच लिस्ट है. जिसके मुताबिक भारत में वित्तीय सेवाओं के कारोबार से जुड़े 15 लोगों और परिवारों की कुल संपत्ति 65 अरब डॉलर से भी ज्यादा है.

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किस- किस का है लिस्ट में नाम?
इस लिस्ट में पारंपरिक बैंकिंग और लोन कारोबार से जुड़े दिग्गजों के साथ जेरोधा जैसी कंपनियों के जरिए नई संपत्ति खड़ी करने वाले कारोबारी भी शामिल हैं. Bloomberg के मुताबिक लिस्ट में शामिल 7 लोगों की संपत्ति को हालिया सालों में रिटेल लोन में तेजी और शेयर बाजार में आम निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से खासा फायदा मिला है.

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम उदय कोटक का है, जिनके पास 16.4 अरब डॉलर की सम्पत्ति है. इसके बाद मुथूट परिवार का नाम शामिल है. तो आइये दिखाते हैं इस लिस्ट में टॉप 10 में किस- किस का नाम है और उनके पास कितनी सम्पत्ति है.

नाम सम्पत्ति (डॉलर में) सम्पत्ति (रुपये में)
उदय कोटक 16.4 अरब डॉलर 1.57 लाख करोड़ रुपये
मुथूट परिवार 9.9 अरब डॉलर 94.600 करोड़ रुपये
नितिन और निखिल कामठ 9.9 अरब डॉलर 94,600 करोड़ रुपये
अजय पीरामल 4.4 अरब डॉलर 42,000 करोड़ रुपये
मोतीलाल ओसवाल और रामदेव अग्रवाल 3.9 अरब डॉलर 37,260 करोड़ रुपये
संजय और अल्पना डांगी 3.9 अरब डॉलर 37,260 करोड़ रुपये
सचिन बंसल 3 अरब डॉलर 28,662 करोड़ रुपये
संजय अग्रवाल 1.9 अरब डॉलर 18,140 करोड़ रुपये
राजेश शर्मा 1.8 अरब डॉलर 17,200 करोड़ रुपये
आनंद राठी और परिवार 1.7 अरब डॉलर 16,240 करोड़ रुपये

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फाइनेंस सेक्टर में है इतना पैसा?
बता दें कि Bloomberg की ये लिस्ट दिखाती है कि पिछले कुछ दशकों में भारत का वित्तीय क्षेत्र काफी बदल गया है. पहले जहां बैंकिंग और पारंपरिक लोन कारोबार का दबदबा था, वहीं अब गोल्ड लोन, शेयर ब्रोकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, डिजिटल पेमेंट और फिनटेक भी बड़ी दौलत बनाने के रास्ते बन गए हैं. हालांकि, इस तेजी का दूसरा पहलू भी है. शेयर बाजार में सट्टेबाजी करने वाले कई छोटे निवेशकों को नुकसान हुआ है. डिजिटल लोन के बढ़ने से घरेलू कर्ज भी बढ़ा है. सीधेतौर पर कहें तो भारत में बढ़ते क्रेडिट, निवेश और डिजिटल फाइनेंस ने एक नई तरह के अरबपतियों का वर्ग तैयार किया है.



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Prime Haryana
Author: Prime Haryana

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