फरीदाबाद (सरूप सिंह)। महज सात हजार रुपये के लिए फरीदाबाद की एक महिला ने ढाई साल तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और आखिरकार उपभोक्ता आयोग से न्याय हासिल किया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने संबंधित कंपनी को महिला की राशि ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए हैं। मामला अक्टूबर 2023 का है। सेक्टर-29 निवासी मधुस्मिता पाणि ने अपने घर पर जियो फाइबर कनेक्शन के लिए 7072.92 रुपये क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया था।

कंपनी द्वारा इंस्टालेशन ऑर्डर भी जारी किया गया, लेकिन कुछ समय बाद तकनीकी कारणों का हवाला देकर इंस्टालेशन रद्द कर दिया गया। कंपनी ने दावा किया कि 12 नवंबर 2023 को राशि का रिफंड प्रोसेस कर दिया गया है, लेकिन महिला के खाते में पैसा नहीं पहुंचा। इस पर उन्होंने लगातार ईमेल और शिकायतें दर्ज कराईं। 1 फरवरी 2024 को भी रिफंड के लिए लिखने पर कंपनी ने वही जवाब दिया कि भुगतान कर दिया गया है और बैंक से जांच करने को कहा।
महिला ने हार नहीं मानी और अपने क्रेडिट कार्ड के स्टेटमेंट खंगाले। अक्टूबर 2023 से कई महीनों तक के रिकॉर्ड में साफ हुआ कि राशि डेबिट तो हुई, लेकिन कभी वापस नहीं आई। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान कंपनी ने फिर रिफंड होने का दावा किया, लेकिन सबूतों के आधार पर आयोग ने पाया कि महिला के खाते में कोई राशि वापस नहीं आई।
आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए कंपनी को 7072.92 रुपये की मूल राशि लौटाने के साथ शिकायत दर्ज होने की तारीख से भुगतान तक 6 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया। इसके अलावा आयोग ने मानसिक उत्पीड़न के लिए 2200 रुपये मुआवजा और 1100 रुपये मुकदमे का खर्च भी देने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन 30 दिनों के भीतर करने को कहा गया है।