Captain Smit Machchhar ने नेतन्याहू को बताया, कैसे हनुमान चालीसा पढ़ते हुए बचाई 174 यात्रयों की जान

हमाम अल हमामी ने नमाज पढ़कर की प्लेन क्रैश की कोशिश, Smit Machchhar ने हनुमान चालीसा पढ़कर बचाया प्लान क्रैश

दुबई/तेल अवीव। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के Captain Smit Machchhar ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत के दौरान उस खौफनाक घटना का पूरा विवरण साझा किया, जिसमें उड़ान के दौरान कथित तौर पर उनके ही सह-पायलट हमाम अल हमामी ने कॉकपिट के अंदर उन पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने और विमान के तेजी से नीचे जाने के बावजूद कैप्टन ने नियंत्रण वापस लेने और यात्रियों की जान बचाने की आखिरी कोशिश तक हार नहीं मानी।

यह घटना 30 जनवरी को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान FZ1073 में हुई। विमान में Captain Smit Machchhar और ओमानी नागरिक सह-पायलट हमाम अल हमामी मौजूद थे। शुरुआत में उड़ान सामान्य थी, लेकिन कुछ ही समय बाद कॉकपिट में हालात अचानक बदल गए।

नमाज के लिए उठे सह-पायलट हमाम अल हमामी, फिर हुआ हमला

Captain Smit Machchhar के मुताबिक, उड़ान के दौरान सह-पायलट हमाम अल हमामी ने नमाज पढ़ने की इच्छा जताई। कैप्टन ने सम्मान करते हुए दूसरी ओर देखने का फैसला किया। इसके कुछ ही मिनट बाद उन्हें सिर के पीछे जोरदार वार महसूस हुआ। शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान में कोई गंभीर तकनीकी समस्या पैदा हो गई है। लेकिन जब लगातार वार होते रहे, तो उन्हें समझ आया कि हमला विमान पर नहीं बल्कि सीधे उन पर किया जा रहा है।

हमले के कारण कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी नजर भी धुंधली होने लगी। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा। फ्लाइट ट्रैकिंग से सामने आई जानकारी के अनुसार विमान ने करीब 90 सेकंड में 17,000 फीट से अधिक ऊंचाई गंवाई।

कॉकपिट में एक तरफ घायल कैप्टन, दूसरी तरफ विमान पर नियंत्रण की कोशिश

स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी। विमान तेजी से नीचे जा रहा था और कैप्टन खुद गंभीर रूप से घायल थे। इसी दौरान विमान से आपातकाल और संभावित हाइजैक से जुड़े संकेत भी भेजे गए। Captain Smit Machchhar ने बताया कि उनकी हालत इतनी खराब थी कि उनकी याददाश्त और चेतना प्रभावित हो रही थी। वह कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे। इसके बावजूद उन्होंने विमान को बचाने की कोशिश जारी रखी।

उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा दोबारा बंद हो गया। बाहर मौजूद यात्रियों और क्रू को भी स्थिति असामान्य लगने लगी थी।

घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा

Captain Smit Machchhar ने इसके बाद एक और कोशिश करने का फैसला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। यही कदम पूरी घटना में निर्णायक साबित हुआ। दरवाजा खुलने के बाद बाहर मौजूद लोगों को कॉकपिट तक पहुंचने का मौका मिला। यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में दो अतिरिक्त पायलट भी यात्री के रूप में मौजूद थे।

उनकी मौजूदगी भी उस समय बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई और विमान को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिली।

सऊदी अरब में हुई इमरजेंसी लैंडिंग

कॉकपिट पर नियंत्रण हासिल करने के बाद विमान की आपातकालीन लैंडिंग सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर कराई गई। विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने विमान की सुरक्षा व्यवस्था और कॉकपिट में मौजूद पायलटों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए।

UAE ने बताया आतंकी कृत्य

इस मामले में संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने 3 अक्टूबर को घटना को आतंकी कृत्य बताया। अधिकारियों के अनुसार, सह-पायलट हमाम अल हमामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में मौजूद क्रैश ऐक्स का इस्तेमाल कर कैप्टन पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। हालांकि, घटना के पीछे आरोपी की वास्तविक मंशा क्या थी और उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसे लेकर जांच अभी महत्वपूर्ण है।

कुछ रिपोर्टों में आरोपी के कथित कट्टरपंथी विचारों और पुराने रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया गया है। जांच का मुख्य विषय कथित हमला, आरोपी की मंशा और कॉकपिट सुरक्षा से जुड़े वास्तविक तथ्य को लेकर की जा रही है।

मुश्किल वक्त में कैप्टन ने किया हनुमान चालीसा का जाप

इस घटना के बाद Captain Smit Machchhar की बहादुरी की व्यापक चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की। बातचीत के दौरान कैप्टन ने बताया कि उस बेहद मुश्किल समय में उन्होंने हनुमान चालीसा का जाप किया। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन से बातचीत की और उनकी बहादुरी की प्रशंसा की। इसी बातचीत में कैप्टन मच्चर ने नेतन्याहू को कॉकपिट के अंदर हुई पूरी घटना के बारे में बताया।

आखिरी कोशिश ने बदल दिया पूरा घटनाक्रम

इस घटना का सबसे अहम पहलू यह है कि Captain Smit Machchhar खुद गंभीर रूप से घायल थे, विमान तेजी से ऊंचाई खो रहा था और कॉकपिट के अंदर कथित हमला हो चुका था। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। दरवाजा खुलने के बाद बाहर मौजूद लोगों को हस्तक्षेप करने का मौका मिला और विमान का नियंत्रण सुरक्षित हाथों में पहुंच सका। इसके बाद विमान की आपात लैंडिंग कराई गई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि विमान में किसी भी असामान्य स्थिति के दौरान पायलट का निर्णय, क्रू की तत्परता और यात्रियों का सहयोग कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि इस पूरे मामले की परिस्थितियों और आरोपी की मंशा पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

 

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Author: Prime Haryana

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