फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। बल्लभगढ़ की मुकेश कॉलोनी स्थित एक रिहायशी कमरे से क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 ने बड़ी मात्रा में पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है। पुलिस ने मौके से करीब 2496 किलोग्राम सामग्री जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बरामद सामग्री में लगभग 200 किलो गंधक और 2296 किलो पोटेशियम नाइट्रेट शामिल है।

पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 को सूचना मिली थी कि मुकेश कॉलोनी में एक कमरे में बड़ी मात्रा में पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री अवैध रूप से रखी गई है। सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और उसकी निशानदेही पर संबंधित कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे से करीब 200 किलो गंधक और 2296 किलो पोटेशियम नाइट्रेट बरामद हुआ।
पुलिस का कहना है कि दोनों रसायनों का इस्तेमाल पटाखा निर्माण में किया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री का रिहायशी इलाके में रखा मिलना जांच का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पुनीत निवासी मुकेश कॉलोनी, बल्लभगढ़ के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह यह सामग्री उत्तर प्रदेश के हाथरस से लेकर आया था।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सामग्री हाथरस में किससे खरीदी गई, इसे फरीदाबाद तक कैसे पहुंचाया गया और इसके पीछे सप्लाई नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में रसायन किस उद्देश्य से मंगाए गए थे और इन्हें आगे किसे दिया जाना था।
फरीदाबाद में इससे पहले भी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद होने के मामले सामने आ चुके हैं। पिछले वर्ष नवंबर में धौज और फतेहपुर तगा क्षेत्र से करीब 2923 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद किए जाने की कार्रवाई हुई थी। उस मामले की जांच के दौरान अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े कथित नेटवर्क और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच सामने आई थी।
रिहायशी इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री मिलने से सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मुकेश कॉलोनी में सामग्री कब लाई गई, इसे यहां कितने समय से रखा गया था और इसके भंडारण के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।
पुलिस ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड फिलहाल सामने नहीं आया है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ सप्लाई करने वाले लोगों और पूरे नेटवर्क के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
