फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेक्टर-105 स्थित सरस्वती ग्लोबल स्कूल में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और रंगों के माध्यम से विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की अपनी कल्पना को कैनवास पर उतारा।

कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के मंत्री राजेश नागर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया तथा सभी प्रतिभागियों की रचनात्मकता की सराहना की। इस अवसर पर राजेश नागर ने कहा कि बच्चों के मन में देश के भविष्य को लेकर अनेक कल्पनाएं और सपने होते हैं। चित्रकला जैसे माध्यम उन्हें इन विचारों को रचनात्मक रूप से व्यक्त करने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही आने वाले समय में देश का नेतृत्व करेंगे, इसलिए उनमें बड़े सपने देखने और देश के विकास में योगदान देने की भावना विकसित करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ऐसे भारत की कल्पना करें जो विकसित, आत्मनिर्भर, सशक्त और संस्कारों से समृद्ध हो। उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसी गतिविधियां बच्चों की कल्पनाशक्ति के साथ-साथ उनकी सामाजिक और राष्ट्रीय सोच को भी मजबूत करती हैं।
प्रतियोगिता को तीन आयु वर्गों में आयोजित किया गया। तीसरी से पांचवीं कक्षा के वर्ग में रिद्धिमान ने प्रथम, आराध्या ने द्वितीय और ओजस्वी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। छठी से आठवीं कक्षा के वर्ग में यशिका प्रथम, द्रोण द्वितीय और तन्वी तृतीय रहीं। वहीं नौवीं से बारहवीं कक्षा के वर्ग में श्रेया ने प्रथम, भूमि ने द्वितीय और कन्हैया ने तृतीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपने चित्रों में आधुनिक तकनीक, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, देशभक्ति और विकास जैसे विषयों को प्रमुखता से दर्शाया।
अलग-अलग चित्रों में बच्चों की कल्पनाशक्ति के साथ उनके भारत को लेकर विचार भी देखने को मिले। कार्यक्रम में सरस्वती ग्लोबल स्कूल के अध्यक्ष वाई.के. माहेश्वरी, वाइस चेयरमैन अनुभव माहेश्वरी, प्राचार्य मंजुल माहेश्वरी तथा शैक्षणिक इंचार्ज फिलोमिना सहित स्कूल प्रबंधन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
स्कूल प्रबंधन ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और सामाजिक सरोकारों की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम के अंत में विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
