नेपाल में भोटे कोशी में आई विनाशकारी बाढ़ में अबतक 626 शव बरामद किये जा चुके हैं. नेपाल ने भारत से रेस्क्यू ऑपरेशन मजबूत करने के लिए मदद भी मांगी है, जिससे 2400 लोग जो लापता बताए जा रहे हैं, उनकी खोज की जा सके. इसी बीच न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक एक्सक्लूसिव वीडियो जारी किया है, जिसमें ग्लेशियर टूटता हुआ नजर आ रहा है.
न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में इस वीडियो को जारी करते हुए लिखा कि इस वैरिफाइड वीडियो में तिब्बत के पास उत्तरी नेपाल में हुए एवलांच का अबतक का सबसे साफ नजारा दिख रहा है. इससे नीचे नदी और घाटियों में पानी-कीचड़ की दीवारें बह रही हैं. हिमालय के उच्च इलाके लैंगटांग लिरुंग के पास अचानक हुए विशाल ग्लेशियर और चट्टान के ढहने यानी एवलांच थी. इसके कारण भारी मात्रा में मलबा भोटेकोशी नदी की सहायक नदी लेंडे खोला में गिर गया. इससे यह बाढ़ आ गई.
NYT ने अपनी रिपोर्ट में आगे कहा है कि टूर गाइड जिहायिती और उनके हाईकर्स के ग्रुप ने बुधवार सुबह तिब्बत में एक ऑब्जर्वेशन डेक पर चढ़ाई की. जहां से नेपाल में बॉर्डर के उस पार बर्फ से ढके पहाड़ों को नजारा दिख रहा था. सुबह की धुंध में एक ब्रेक ने त्सांगबू री की शानदार चोटी और ग्लेशियर को दिखाया. उन्होंने अपने कैमरे निकाल, जब वे फिल्म बना रहे थे, तो हाईकर्स ने एक गहरी गड़गड़ाहट सुनीं.
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‘ऐसा लगा, जैसे पहाड़ों के अंदर एक्सप्लोसिव फट रहे हों’
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि उन्होंने आवाजों को बिजली कड़कने जैसा समझा. फिर तिब्बत में सुबह 10:50 बजे के ठीक बाद घाटी में एक जोरदार दरार की आवाज आई.
मिस्टर जिहा ने कहा कि ऐसा लगा जैसे पहाड़ों के अंदर एक्सप्लोसिव फट रहे हों. उन्होंने शुरुआती आवाज के कई मिनट बाद तक वे हिमस्खलन के शोर से घिरे रहे. हिमस्खलन से पहले और बाद में हाइकर्स के फुटेज की तुलना करने पर हिमस्खलन के पैमाने का अबतक का सबसे साफ नजारा मिलता है.
अबतक इतनी मौत, करीबन 2498 लोगों को बचाया गया
नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के ताजा आंकड़ों की मानें तो अबतक नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है. इसमें नेपाली, भारतीय समेत कई विदेशी लोग शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि अबतक इस आपदा में कम से कम 2498 लोगों को बचा लिया गया है. 219 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
250 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को बचाया गया
नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने बताया कि 250 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को बचाया गया है. बोर्ड के मुताबिक, 261 विदेशी नागरिकों को बचाया गया है. जबकि, 320 लोगों का अभी भी कोई पता नहीं है. जिन विदेशी नागरिकों को बचाया गया है, उनमें बेल्जियम, बुल्गारिया, पुर्तगाल, ओमान के एक एक नागरिक, चीन के 40 नागरिक, जर्मनी के 4 नागरिक, भारत के सबसे ज्यादा 167 नागरिक, इटली, स्पेन, स्विट्जरलैंड, तुर्की के दो-दो नागरिक, यूक्रेन के 8 नागरिक, अमेरिका के 3 नागरिक शामिल हैं. इनके अलावा 21 ऐसे भी विदेशी नागरिक हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है. NDRRMA का कहना है कि खोज अभियान में मदद के लिए 18,700 से ज्यादा बचाव कर्मियों को तैनात किया गया है.
भारत से टनल रेस्क्यू के लिए 11 सदस्यों की टेक्निकल टीम को भेजा गया
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने अपने प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी देते हुए कहा कि भारत से टनल रेस्क्यू के लिए 11 सदस्यों वाले एक खास टेक्निकल टीम को भेजा गया है. सरकार ने प्रभावित इलाकों में फंसे जीवित लोगों को पता लगाने के लिए खास टेक्नोलॉजी, तेजी से फोरेंसिक और डीएनए जांच और बरामद शवों को रखने के लिए मॉर्चरी सुविधाओं की मदद की मांग की है. रासुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन में रेस्क्यू जारी है.
मंत्रालय ने जानकारी दी है कि जैसे-जैसै अधिकारी खोज, बचाव और पुष्टी का काम जारी रखेंगे. आंकड़े बदल भी सकते हैं. साथ ही लोगों से आधिकारिक पुष्टी की गई जानकारी पर ही भरोसा रखने की अपील की गई है. नेपाल ने कहा है कि भारत से 57 टन से ज्यादा राहत सामग्री मिल चुकी है. बाकी अन्य देशों से भेजे जरूरी सामान मिल रहा है.
