फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। गर्मियों के दौरान पेयजल संकट का सामना करने वाले फरीदाबाद और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) शहर की जलापूर्ति क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ भूजल स्तर सुधारने की दिशा में बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इसके तहत पांच नए रेनीवेल तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे प्रतिदिन 50 एमएलडी अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध होने की उम्मीद है। वहीं, यमुना के बाढ़ क्षेत्र में एक बड़ा जलाशय तैयार कर अतिरिक्त पानी को जमीन में पहुंचाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

पांच रेनीवेल से बढ़ेगी 50 एमएलडी पेयजल आपूर्ति
एफएमडीए द्वारा फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में पांच रेनीवेल, मुख्य बूस्टिंग स्टेशन और कनेक्टिंग पाइपलाइन का निर्माण कराया जा रहा है। प्रत्येक रेनीवेल की क्षमता 10 एमएलडी होगी। इस प्रकार परियोजना पूरी होने के बाद शहर की जलापूर्ति में कुल 50 एमएलडी की बढ़ोतरी होगी। इस अतिरिक्त पानी का लाभ बड़खल, तिगांव और फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा। खासतौर पर उन टेल-एंड इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां गर्मियों में पानी का दबाव कम होने और आपूर्ति बाधित रहने की समस्या बनी रहती है।
यमुना के अतिरिक्त पानी से होगा भूजल रिचार्ज
एफएमडीए यमुना के बाढ़ क्षेत्र में गांव चांदपुर के पास करीब 15.29 एकड़ भूमि पर जलाशय तैयार कर रहा है। बृहस्पतिवार को एफएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। जलाशय के निर्माण के लिए करीब तीन लाख घन मीटर अतिरिक्त मिट्टी की खुदाई की जा रही है। मानसून के दौरान यमुना में आने वाले अतिरिक्त बाढ़ के पानी को इस जलाशय में एकत्र किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, जलाशय के हर बार पूरी तरह भरने पर करीब 30 से 40 करोड़ लीटर पानी जमीन के भीतर पहुंचाकर भूजल रिचार्ज किया जा सकेगा। इससे यमुना के बाढ़ क्षेत्र में मौजूद जलभृतों की जलधारण क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
2 से 3 लाख लोगों को होगा सीधा लाभ
जलापूर्ति बढ़ाने की इस परियोजना पर करीब 96.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका निर्माण कार्य 17 मार्च 2024 को शुरू किया गया था और इसे 15 जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद ग्रीन फील्ड कॉलोनी, चार्मवुड, एनआईटी, सेक्टर-21सी, सेक्टर-45, सेक्टर-46 सहित कई अन्य क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में सुधार होने की उम्मीद है। विशेष रूप से बड़खल और फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्रों के अंतिम छोर पर बसे इलाकों की करीब 2 से 3 लाख आबादी को गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत से राहत मिल सकती है।
जलापूर्ति और भूजल संरक्षण पर एक साथ काम
एफएमडीए की इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल शहर में पेयजल आपूर्ति बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि यमुना के अतिरिक्त पानी का बेहतर उपयोग कर भूजल स्तर को भी मजबूत करना है। एक ओर रेनीवेल के माध्यम से लोगों तक अतिरिक्त पानी पहुंचाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर जलाशय के जरिए बारिश और बाढ़ के पानी को संग्रहित कर उसे भूजल रिचार्ज में इस्तेमाल किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान एफएमडीए के चीफ इंजीनियर विशाल बंसल, कार्यकारी अभियंता ओमदत्त और प्रोटोकॉल अधिकारी राजवीर सिंह भी मौजूद रहे।
