- भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत सबूतों पर कार्रवाई।
तेलंगाना एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को भूपालपल्ली माइंस के एडिशनल डायरेक्टर (AD) जयराज के घरों और संपत्तियों पर एक साथ छापेमारी की. यह कार्रवाई इस जानकारी के आधार पर की गई कि अधिकारी के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज्यादा संपत्ति है. सुबह-सुबह शुरू हुई छापेमारी हैदराबाद, सूर्यपेट और टंडूर समेत 12 जगहों पर की जा रही है, जिसमें ACB अधिकारियों के साथ रेवेन्यू और पुलिस के कर्मचारी भी शामिल हैं.
भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB तेलंगाना चला रहा अभियान
यह ऑपरेशन ACB के उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसमें बिना स्पष्ट स्रोत वाली संपत्ति रखने वाले सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है. हाल ही में इसी तरह की छापेमारी में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के पास से भारी मात्रा में कैश, सोने के गहने और संपत्तियां मिली थीं.
ACB की टीमें अधिकारी के घरों से मिले बैंक लॉकर, फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद, इंश्योरेंस पॉलिसी और दूसरे निवेश दस्तावेजों की जांच कर रही हैं. साथ ही, उनके या उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज खेती और रिहायशी जमीन की जानकारी भी खंगाली जा रही है.
AD जयराज की संपत्तियों का ब्यौरा तैयार कर रहा ACB
एजेंसी चल और अचल संपत्तियों (जैसे बैंक बैलेंस, गाड़ियां और रियल एस्टेट) का ब्योरा तैयार कर रही है. इन संपत्तियों की तुलना जयराज की नौकरी के दौरान सैलरी और दूसरे वैध स्रोतों से हुई आय से की जाएगी. ACB अधिकारी छापेमारी के समय मौजूद परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के बयान भी दर्ज कर रहे हैं, ताकि संपत्ति के मालिकाना हक और उसके स्रोत का पता लगाया जा सके. जब्त किए गए दस्तावेजों, फाइनेंशियल रिकॉर्ड और प्रॉपर्टी के कागजात की सावधानीपूर्वक लिस्ट बनाई जा रही है, ताकि उनका विस्तार से विश्लेषण किया जा सके.
आगे क्या होगी कार्रवाई?
ACB ने सबूतों को नष्ट होने या हटाए जाने से रोकने के लिए तय जगहों पर एक साथ कई टीमें तैनात की हैं. छापेमारी जारी है और अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ऑपरेशन पूरा होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी. यही रिपोर्ट ‘प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट’ के तहत आगे की कार्रवाई का आधार बनेगी.
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