Nepal Flash Floods: नेपाल बाढ़ से मची तबाही पर बोला विदेश मंत्रालय, ‘भारतीयों को बचाने के लिए…’


नेपाल में बुधवार (26 अगस्त 2026) को आई बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है. अभी तक 95 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. इस त्रासदी में 500 के करीब लोग लापता हैं, जिसमें 105 भारतीय शामिल हैं. भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों के शीघ्र बचाव और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास नेपाल सरकार के साथ लगातार समन्वय कर रहा है.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दिन में ही उन लोगों के लिए आपातकालीन फोन नंबर जारी किए थे, जिन्हें इस आपदा से प्रभावित भारतीय नागरिकों के संबंध में सहायता और जानकारी चाहिए. लापता लोगों में कम से कम 105 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय (NRI) शामिल हैं. नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने एक अलग पोस्ट में कहा, ‘दूतावास नेपाल में आज अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों के शीघ्र बचाव और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है. नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर बचाव एवं राहत प्रयासों को और मजबूत किया जा रहा है.’

भारत ने भेजी मदद

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से निपटने में मदद के लिए भारत ने 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) और जरूरी दवाइयां भेजी है. उन्होंने कहा, ‘हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों और प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं. इस चुनौती के समय में, भारत नेपाल और वहां के लोगों के साथ खड़ा है.’

भारत ने नेपाल को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है. पीएम मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह के बात कर कहा कि भारत पड़ोसी देश को हरसंभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस कठिन समय में नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं. पीएम बोले, ‘हमारी टीम बचाव और राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं.’

भारत में तैयारियां तेज

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के बीच, भारत में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हालात पर लगातार नजर रखने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित कई जिलों को सतर्क रहने और राहत के साथ ही बचाव की तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को तैनात किया जा रहा है. गोपालगंज और बेतिया के लिए एक-एक एनडीआरएफ और मुजफ्फरपुर में एक टीम स्टैंडबाय पर रहेगी.

रिपोर्टों के अनुसार, उपग्रह तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर यह बाढ़ नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अस्थिर पहाड़ी चट्टानों के खिसकने से आई. यह स्थान तिब्बत-रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है. नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि चट्टान खिसकने और नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित लेंडे नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण तिमुरे में भोटेकोशी के रास्ते भीषण बाढ़ का पानी और मलबा त्रिशूली नदी तक फैल गया.



Source link

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

Information with Confirmation

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top