दिल्ली-एनसीआर में रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी में अहम बदलाव शुरू हो गया है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली सेक्शन का बचा हुआ करीब 9 किलोमीटर हिस्सा अब ट्रायल के लिए वाहनों के इस्तेमाल में आ गया है. डीएनडी महारानी बाग से जैतपुर पुश्ता रोड तक खुले इस हिस्से से आने वाले समय में आश्रम, कालिंदी कुंज और फरीदाबाद की ओर जाने वाले ट्रैफिक को नया विकल्प मिलने की उम्मीद है.
इस कॉरिडोर के शुरू होने का सीधा फायदा उन यात्रियों को मिल सकता है, जिन्हें फिलहाल सरिता विहार, मोहन एस्टेट और मथुरा रोड से होकर गुजरना पड़ता है. इन रास्तों पर खासकर व्यस्त समय में वाहनों का दबाव अधिक रहता है. नए मार्ग से ट्रैफिक का कुछ हिस्सा दूसरी सड़क पर शिफ्ट होने की संभावना है, जिससे आश्रम से कालिंदी कुंज की तरफ आने-जाने वालों को राहत मिल सकती है.
शुक्रवार को रास्ता खुलने के बाद पहले दिन इस पर अपेक्षाकृत कम वाहन दिखाई दिए. इसकी एक वजह यह भी रही कि आम यात्रियों के बीच ट्रायल शुरू होने की जानकारी व्यापक रूप से नहीं पहुंची थी. फिलहाल इसे पूरी तरह नियमित संचालन के बजाय परीक्षण के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. ट्रायल के दौरान यह देखा जा रहा है कि अलग-अलग समय में सड़क पर वाहनों का दबाव कैसा रहता है और यातायात संचालन में किसी तरह की परेशानी तो नहीं आती. सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है.
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उद्घाटन की तारीख पर जल्द हो सकता है फैसला
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर धीरज सिंह के अनुसार, एक्सप्रेसवे के इस हिस्से को फिलहाल ट्रायल के लिए खोला गया है. आधिकारिक तौर पर इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया जाना प्रस्तावित है. उद्घाटन कार्यक्रम की तारीख जल्द सामने आने की संभावना है.
असली तस्वीर जेवर कनेक्टिविटी पूरी होने के बाद बदलेगी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा अकेले ही महत्वपूर्ण है, लेकिन आने वाले समय में इसकी उपयोगिता और बढ़ने वाली है. योजना के मुताबिक करीब एक साल में इसे स्पर के जरिए जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा. इससे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और नए एयरपोर्ट के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा. इसी कड़ी में फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी तैयार किया जा रहा है. करीब 32 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 23 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा और 9 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा.
फरीदाबाद से एयरपोर्ट तक सीधा कनेक्शन बनेगा
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का उद्देश्य फरीदाबाद को सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ना है. अभी फरीदाबाद से जेवर जाने के लिए करीब 40 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है. मौजूदा मार्ग पर मोहना पुल से होकर जाने में यातायात के हिसाब से करीब सवा घंटे से डेढ़ घंटे तक लग जाते हैं. नई सड़क तैयार होने के बाद यही सफर करीब 25 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है. यानी फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट जाने वालों के लिए दूरी के साथ-साथ यात्रा का समय भी काफी कम हो सकता है.
शहर के बीच 8 किमी हिस्सा एलिवेटेड बनाया जा रहा
फरीदाबाद में एक्सप्रेसवे का करीब 8 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड रखा जा रहा है. इसे सेक्टर-65 की दिशा में बनाया जा रहा है, ताकि शहर के मौजूदा मास्टर प्लान और विकास संरचना पर परियोजना का असर कम हो. परियोजना के तहत यूपी की सीमा में एयरपोर्ट से लेकर हरियाणा में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे तक का काम सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है. इसके बाद फरीदाबाद सेक्टर-65 तक के हिस्से को जनवरी 2027 तक पूरा करने की योजना है.
फिलहाल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के इस हिस्से का ट्रायल शुरू हुआ है, लेकिन आगे जेवर एयरपोर्ट और फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी जुड़ने के बाद इस कॉरिडोर की उपयोगिता और बढ़ जाएगी. खास तौर पर फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक करीब 25 मिनट में पहुंचने की सुविधा इस पूरे सड़क नेटवर्क की बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है.
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