बांग्लादेश में त्राहि-त्राहि: गैस न मिलने से रसोई से हाईवे तक हाहाकार, सड़कों पर उतरे लोग


Bangladesh Gas Crisis: बांग्लादेश इस वक्त अपने इतिहास के सबसे गंभीर प्राकृतिक गैस और ऊर्जा संकट से जूझ रहा है. नैचुरल गैस की कमी के कारण कई उद्योग बंद हो गए, जिससे घरेलू उत्पादन में भारी गिरावट देखी जा रही है. देश भर में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती हो रही है और ईंधन की कमी को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. मौजूदा समय में हालत इस कदर बदतर हो चुकी है कि देश में लगभग 3800-4000 मिलियन घन फीट की दैनिक मांग के मुकाबले केवल 2100-2400 mmcfd गैस ही मिल पा रही है. 

गारमेंट और टेक्सटाइल सेक्टर पर संकट

बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है. देश की 80% विदेशी कमाई का यही जरिया है. गैस का प्रेशर न होने के कारण सैकड़ों कपड़ा और कताई मिलों में उत्पादन आधा रह गया है. कई तो बंद होने की कगार पर पहुंच चुके हैं.

खाद कारखाने भी ठप

देश के 6 बड़े यूरिया उर्वरक संयंत्रों में से कई गैस न मिलने के कारण पूरी तरह से बंद हैं. इन्हीं में से एक है आशुगंज फर्टिलाइजर फैक्ट्री, जो मार्च 2025 में बंद हो गई थी. कभी यहां मशीनें चौबीसों घंटे चलती थीं और नैचुरल गैस का इस्तेमाल करके यूरिया बनाती थीं, जिस पर देश की 17 करोड़ आबादी के लिए फसलें उगाने वाले किसान निर्भर थे. कभी 1200 से ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाली यह सरकारी फैक्ट्री जंग खाकर बेकार पड़ी है. देश गैस की भारी कमी से जूझ रहा है. 

CNG स्टेशनों पर लंबी कतारें

बांग्लादेश का सार्वजनिक परिवहन यानी कि ऑटो, बस, टैक्सियां मुख्य रूप से सीएनजी पर ही निर्भर है. नारायणगंज से लेकर ढाका जैसे बड़े शहरों में 90% से अधिक सीएनजी स्टेशन बंद हो चुके हैं. इससे ऑटो चालक सड़कों पर उतर आए हैं. कई जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. सड़कों पर वाहनों की कमी से लोगों को ऑफिस-स्कूल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. आलम यह है कि गैस न मिलने की वजह से शहरी इलाकों में भी लोग लड़की या कोयले के पारंपरिक चूल्हों पर खाना पकाने के लिए मजबूर हो रहे हैं.

ये भी पढ़ें:

फिर रिकॉर्ड बनाने के मूड में सोना, अगस्त में 10000 से ज्यादा चढ़ा भाव; चांदी भी 32 हजार महंगी 



Source link

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

Information with Confirmation

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top