दिल्ली: कनाडा जा रहे पार्सल से खुला ‘नार्को-टेरर’ का राज, 4 अरेस्ट


राजधानी दिल्ली (Delhi News) में पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बेहद खौफनाक ‘नार्को-टेरर’ (Narco-Terror) सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. यह कोई आम ड्रग्स तस्करी का मामला नहीं है, बल्कि ‘ड्रग्स के बदले हथियार’ (Drugs for Weapons) का एक बड़ा इंटरनेशनल नेटवर्क है, जिसके तार कुख्यात आतंकी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला (Arsh Dalla) से जुड़े पाए गए हैं.

क्राइम ब्रांच (द्वारका) ने इस बड़े ऑपरेशन में 4 आरोपियों— हरदीप सिंह, यादविंदर सिंह (जशान संधू), सिमरनजीत सिंह और जीवन सिंह को गिरफ्तार कर 5.138 किलो अफीम बरामद की है. अंतरराष्ट्रीय बाजार (विशेषकर कनाडा) में इसकी कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये आंकी गई है.

खाने के सामान के नीचे छिपाए थे 3.5 करोड़ के ड्रग्स

इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ 7 फरवरी 2026 को हुआ, जब मोती नगर इलाके में कूरियर के जरिए कनाडा (Canada) भेजे जा रहे एक संदिग्ध पार्सल को इंटरसेप्ट किया गया. पार्सल में खाने-पीने के सामान के नीचे सिल्वर फॉयल का ‘फॉल्स बॉटम’ बनाकर करीब 3 किलो अफीम छिपाई गई थी. इसके बाद दो और पार्सल पकड़े गए. पुलिस की तफ्तीश में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक फैले इस सिंडिकेट की परतें खुलती चली गईं. ये तस्कर फर्जी KYC, सिग्नल ऐप (Signal App) और कनाडाई व्हाट्सएप नंबरों का इस्तेमाल करते थे. यही नहीं, ड्रग्स की डिलीवरी के लिए ये हाई-टेक ‘जीपीएस डेड-ड्रॉप’ (GPS Dead-drop) तकनीक अपना रहे थे.

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‘ड्रग्स के बदले हथियार’ और आतंकी फंडिंग

दिल्ली पुलिस (Delhi Police Crime Branch) के मुताबिक, भारत में 1.5 लाख रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदी गई अफीम कनाडा में 50 से 100 डॉलर (CAD) प्रति ग्राम के भारी मुनाफे पर बेची जा रही थी. सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि विदेश में ड्रग्स बेचकर मिले इस पैसे का इस्तेमाल भारत में आतंकी गतिविधियों की फंडिंग और हथियार खरीदने के लिए हो रहा था. जांच में सामने आया है कि सीमा पार से पंजाब में ड्रोन (Drone Dropping) के जरिए हथियार गिराए जा रहे थे, जिन्हें इस गैंग के गुर्गों तक पहुंचाया जाना था.

पैसों के लेन-देन के लिए बेनामी बैंक अकाउंट और UPI चैनल्स का सहारा लिया गया. पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां अब इस पूरे फाइनेंशियल ट्रेल को खंगाल रही हैं, ताकि विदेश में बैठे हैंडलर्स और इस ‘ड्रग्स टू वेपन’ (Drugs to Weapons Pipeline) नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके.

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Author: Prime Haryana

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