दिल्ली में बिजली सब्सिडी को लेकर सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाया जा रहा है. दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार बिजली सब्सिडी को लेकर नया सिस्टम लाने की तैयारी कर रही है. अब बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी तभी मिलेगी, जब वे खुद इसे लेने का विकल्प चुनेंगे.
सरकार का मानना है कि पिछले कुछ सालों में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने से सब्सिडी का खर्च भी काफी बढ़ गया है. नए सिस्टम में सब्सिडी लेने के लिए हर साल रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य हो सकता है. सरकार जल्द ही एक वेबसाइट शुरू कर सकती है. इसके जरिए जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम हैं, वे अपनी इच्छा से बिजली सब्सिडी छोड़ सकेंगे.
वहीं, जो लोग सब्सिडी जारी रखना चाहते हैं, उन्हें हर वित्तीय वर्ष में दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होगा. यानी आगे से सब्सिडी अपने आप मिलने के बजाय, इसे लेने के लिए उपभोक्ता को खुद विकल्प चुनना पड़ सकता है.
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दिल्ली के लिए सरकार उठा रही अहम कदम
दूसरी तरफ सरकार दिल्ली को बेहतर बनाने और प्रदूषण मुक्त करने के लिए भी अहम कदम उठा रही है. दिल्ली सरकार द्वारा प्रदूषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 2,011 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया. इनमें से 106 इकाइयां निर्धारित पर्यावरण मानकों का पालन नहीं कर रही थीं.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस अभियान के दौरान 78 इकाइयां दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से वैध संचालन अनुमति (सीटीओ) के बिना संचालित पाई गईं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निरीक्षणों के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई की है.
वहीं 44 मामलों में पर्यावरण मुआवजा (ईसी) लगाया गया है, जबकि 33 नियमों का पालन न करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं. उन्होंने कहा कि अन्य मामलों में भी संबंधित पर्यावरण कानूनों और विनियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है.
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