
TV Remote को टीवी की तरफ करने की जरूरत रिमोट में इस्तेमाल होने वाली इंफ्रारेड (IR) तकनीक की वजह से पड़ती है. पारंपरिक टीवी रिमोट में एक छोटा IR LED लगा होता है. यह ऐसी रोशनी की तेज पल्स भेजता है, जिसे हमारी आंखें सीधे नहीं देख सकती है. जब आप रिमोट पर कोई बटन दबाते हैं, तो यह LED एक खास क्रम में सिग्नल भेजती है. टीवी के सामने लगा IR सेंसर इस सिग्नल को पहचान कर उसे कमांड में बदल देता है.

रिमोट के अंदर एक माइक्रोकंट्रोलर होता है, जो आपके दबाए गए बटन को डिजिटल कोड में बदलता है, अगर आप वॉल्यूम बढ़ाने वाला बटन दबाते हैं, तो रिमोट उसी कमांड का एक खास कोड तैयार करता है फिर यह कोड IR LED के जरिए टीवी तक भेजा जाता है.

IR रोशनी के जरिए सिग्नल भेजे जाते हैं, इसलिए रिमोट और टीवी के बीच सीधी लाइन ऑफ साइट होना जरूरी होता है. अगर रिमोट का सिग्नल टीवी के सेंसर तक सीधे नहीं पहुंचता या बीच में कोई रुकावट होती है, तो टीवी कमांड को सही तरीके से नहीं पकड़ पाता है. यही कारण है कि रिमोट को टीवी की तरफ करके इस्तेमाल करना पड़ता है.

रिमोट से भेजा गया सिग्नल टीवी के रिसीवर तक पहुंचता है. टीवी का सेंसर उस कोड को पहचानता और डिकोड करता है. इसके बाद टीवी उसी के हिसाब से काम करता है, जैसे चैनल बदलना, आवाज बढ़ाना या टीवी ऑन-ऑफ करना.

इंफ्रारेड रोशनी इंसानी आंखों को दिखाई नहीं देती, लेकिन आप इसे मोबाइल कैमरे से देखने की कोशिश कर सकते हैं. रिमोट के आगे वाले हिस्से को कैमरे की तरफ करके कोई बटन दबाने पर कई बार स्क्रीन पर IR LED हल्की चमकती या फ्लैश करती दिखाई दे सकती है. हालांकि कुछ कैमरों में IR फिल्टर होता है, जिसकी वजह से यह रोशनी दिखाई नहीं देती है.

आज के कई स्मार्ट टीवी रिमोट में Bluetooth या RF तकनीक भी इस्तेमाल होती है. इनमें सिग्नल रेडियो वेव्स के जरिए भेजे जाते हैं, इसलिए रिमोट को सीधे टीवी की तरफ करना जरूरी नहीं होता है, हालांकि IR अभी भी काफी रिमोट में मौजूद है. यह कम लागत वाली और अलग-अलग डिवाइस के साथ अच्छी Compatibility देने वाली तकनीक है. इसी वजह से कई कंपनियां Bluetooth और Infrared दोनों तकनीकों का इस्तेमाल करती हैं.
Published at : 21 Aug 2026 08:13 AM (IST)
टेक्नोलॉजी फोटो गैलरी
Author: Prime Haryana
Information with Confirmation
